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मकान की दीवार गिरी तो निकला खजाना, हजारीबाग प्रशासन पहुंचा; दो किलो चांदी के सिक्के देख सब रह गए दंग

Published: Sat, 08 Aug 2026 03:39 PM (IST)

हजारीबाग के अमनारी गांव में बारिश से ढहे एक पुराने कच्चे मकान के मलबे से दो किलो से अधिक चांदी ...और पढ़ें

टाटीझरिया के अमनारी गांव में मिट्टी का कलश टूटते ही बिखरी पूर्वजों की धरोहर। (फोटो: जागरण)

टाटीझरिया के अमनारी गांव में मिट्टी का कलश टूटते ही बिखरी पूर्वजों की धरोहर। (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. बारिश में ढहे कच्चे मकान से मिले प्राचीन चांदी के सिक्के।

  2. दो किलो से अधिक वजनी सिक्कों से इलाके में सनसनी।

  3. प्रशासन ने सिक्कों को सुरक्षित रखने की हिदायत दी।

संवाद सूत्र, टाटीझरिया (हजारीबाग)। बरसात के बीच प्रकृति ने खोला रहस्यों का पिटारा। झारखंड के हजारीबाग से एक ऐसी हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मलबे के ढेर में दबी एक पुरानी कहानी तब बाहर आई, जब अचानक एक मिट्टी का कलश टूट गया और उसके भीतर से चांदी के सिक्कों की खनक गूंज उठी।

प्रखंड के अमनारी गांव में शुक्रवार सुबह बारिश के कारण ढहे एक पुराने कच्चे मकान के मलबे से दो किलो से अधिक वजनी प्राचीन चांदी के सिक्के मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

दीवार के आले में चुनकर रखे मिट्टी के कलश के टूटते ही सिक्के जमीन पर बिखर गए। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। शनिवार को भी यह लोगों के बीच जिलेभर में चर्चा का विषय था।

कैसे सामने आया सदियों पुराना राज?

जानकारी के अनुसार, अमनारी निवासी बैजू महतो का वर्षों पुराना मिट्टी का मकान लगातार हो रही बारिश से काफी कमजोर हो गया था। शुक्रवार की सुबह यह मकान अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया।

राहत की बात यह रही कि परिवार पहले ही पास में बने अपने नए पक्के मकान में शिफ्ट हो चुका था, जिससे किसी भी तरह की अनहोनी या जनहानि टल गई। लेकिन जैसे ही मकान की दीवार गिरी, उसके भीतर सुरक्षित तरीके से छिपाकर रखा गया एक मिट्टी का कलश भी नीचे आ गिरा।

कलश के टूटने के साथ ही उसमें मौजूद प्राचीन चांदी के चमकते सिक्के मलबे में बिखर गए। परिवार के सदस्यों ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए सभी सिक्कों को सावधानीपूर्वक एकत्र किया और सुरक्षित जगह पर रख लिया।

जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म, दूसरे मकानों पर भी टिकी नजरें

इस अनोखी घटना की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। देखते ही देखते अमनारी गांव में आसपास के ग्रामीण भी जुटने लगे। हर कोई इस खजाने को एक नजर देखने के लिए बेताब दिखा।

ग्रामीणों का मानना है कि यह सिक्के बैजू महतो के पूर्वजों द्वारा पीढ़ियों पहले सहेज कर रखी गई पारिवारिक धरोहर हैं। इन सिक्कों के वजन और उनके प्राचीन स्वरूप को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

इस घटना के बाद गांव का माहौल पूरी तरह बदल गया है। अब ग्रामीणों के बीच इस बात की चर्चा जोर पकड़ रही है कि बैजू महतो के दिवंगत भाई स्वर्गीय बढ़न महतो के पुराने मिट्टी के मकान की दीवारों में भी इसी तरह के और भी सिक्के या अन्य बहुमूल्य वस्तुएं दबी हो सकती हैं। लोग अब अन्य पुराने मकानों की स्थिति को लेकर भी खासे उत्सुक नजर आ रहे हैं।

प्रशासनिक अमला भी पहुंचा मौके पर

मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचल अधिकारी अमित कुमार झा और थाना प्रभारी इंद्रजीत कुमार तुरंत दल-बल के साथ अमनारी गांव पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और परिवार के सदस्यों से पूरी जानकारी ली।

अधिकारियों ने परिवार को हिदायत दी है कि वे इन सिक्कों को पूरी तरह सुरक्षित रखें। फिलहाल, बरामद किए गए सभी सिक्के परिवार की निगरानी में पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने पूरे क्षेत्र में एक नया कौतूहल और रहस्य पैदा कर दिया है।

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