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हजारीबाग में बीएसएनएल ब्रॉडबैंड की रफ्तार तेज, सरकारी दफ्तरों और बैंकों में डिमांड; गांव तक पहुंच रही कनेक्टिविटी

Published: Thu, 27 Aug 2026 11:12 AM (IST)

हजारीबाग में बीएसएनएल ब्रॉडबैंड सेवा ने रफ्तार पकड़ी है, जिसकी मांग सरकारी दफ्तरों, बैंकों और निजी उपभोक्ताओं के बीच बढ़ी ...और पढ़ें

पीपीपी मॉडल बना सेवा विस्तार का आधार।

पीपीपी मॉडल बना सेवा विस्तार का आधार।

HighLights

  1. हजारीबाग में बीएसएनएल ब्रॉडबैंड की मांग में वृद्धि।

  2. पीपीपी मॉडल और टीआईपी से नेटवर्क का विस्तार।

  3. सरकारी दफ्तरों, बैंकों और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग बढ़ा।

संवाद सूत्र, हजारीबाग। जिले में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की ब्रॉडबैंड सेवा ने इन दिनों रफ्तार पकड़ ली है। बेहतर इंटरनेट स्पीड और अपेक्षाकृत सुचारू सेवा के कारण सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी उपभोक्ताओं के बीच भी बीएसएनएल ब्रॉडबैंड की मांग बढ़ रही है।

जिले के लगभग सभी प्रमुख सरकारी विभाग बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा कई सरकारी और गैर-सरकारी बैंक भी अपने नियमित कामकाज के लिए बीएसएनएल की इंटरनेट सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इंटरनेट आधारित सरकारी कामकाज, ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल बैंकिंग और शिक्षा के बढ़ते दायरे के बीच भरोसेमंद कनेक्टिविटी की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी अपनी पहुंच बढ़ा रही है। सेवा विस्तार के इस पूरे मॉडल में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) व्यवस्था को अहम भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है।

टीआईपी के जरिए तेजी से हो रहा नेटवर्क विस्तार

बीएसएनएल की ओर से ब्रॉडबैंड सेवा को अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर (टीआईपी) के माध्यम से नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।

इस व्यवस्था में निजी भागीदार नेटवर्क विस्तार और सेवा संचालन में सहयोग करते हैं। इससे उन क्षेत्रों तक भी कनेक्टिविटी पहुंचाने में मदद मिल रही है, जहां पारंपरिक तरीके से नेटवर्क विस्तार करना अपेक्षाकृत कठिन या धीमा हो सकता है। जानकारी के अनुसार, हजारीबाग के शहरी क्षेत्र में करीब पांच से छह टीआईपी सक्रिय हैं।

वहीं पूरे जिले में इनकी संख्या लगभग 15 के आसपास बताई जा रही है। इनके माध्यम से करीब सात हजार उपभोक्ता बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा से जुड़े हुए हैं। टीआईपी उपभोक्ताओं को कनेक्शन उपलब्ध कराने के साथ नेटवर्क के विस्तार और सेवा संचालन में भी सहयोग कर रहे हैं।

सरकारी दफ्तरों और बैंकों में बढ़ा इस्तेमाल

जिले में सरकारी विभागों के कामकाज का बड़ा हिस्सा अब ऑनलाइन हो चुका है। कार्यालयों में ई-मेल, ऑनलाइन पोर्टल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, डिजिटल दस्तावेज, सरकारी रिपोर्टिंग और विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के संचालन के लिए लगातार इंटरनेट की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सरकारी संस्थानों के लिए स्थिर और भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण हो गई है।

बैंकों में भी इंटरनेट कनेक्टिविटी दैनिक कामकाज का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन लेनदेन, सर्वर आधारित सेवाओं और ग्राहकों से जुड़े कार्यों के लिए लगातार इंटरनेट की जरूरत होती है। जिले के कई सरकारी और निजी बैंक बीएसएनएल की सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा का संस्थागत उपयोग भी लगातार बढ़ रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रही इंटरनेट की जरूरत

शहरी इलाकों के साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी इंटरनेट की मांग तेजी से बढ़ रही है। सरकारी योजनाओं का ऑनलाइन आवेदन, प्रमाणपत्रों से जुड़े काम, बैंकिंग सेवाएं, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान और विभिन्न नागरिक सेवाओं के लिए ग्रामीण उपभोक्ताओं को इंटरनेट की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

टीआईपी के माध्यम से बीएसएनएल की सेवा ग्रामीण इलाकों तक पहुंचने से स्थानीय स्तर पर नए उपभोक्ताओं को कनेक्शन उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। इससे उन उपभोक्ताओं को भी विकल्प मिल रहा है, जिन्हें पहले बेहतर इंटरनेट सेवा के लिए सीमित विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता था।

ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल से आगे भी बढ़ेगी मांग

डिजिटल सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में ब्रॉडबैंड की मांग और बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी कार्यालयों से लेकर बैंक, शिक्षण संस्थान, छोटे कारोबार और घरेलू उपभोक्ता तक इंटरनेट पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। ऐसे में तेज और स्थिर ब्रॉडबैंड सेवा की जरूरत भी बढ़ती जा रही है।

बीएसएनएल के लिए पीपीपी मॉडल और टीआईपी नेटवर्क का विस्तार इस बढ़ती मांग को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनता दिख रहा है। यदि इसी तरह शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क का विस्तार जारी रहा, तो जिले में बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या आने वाले समय में और बढ़ सकती है।