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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    झारखंड के मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के साथ मारपीट, वार्ड से भागकर बचाई जान; इमरजेंसी सेवाएं बाधित

    Updated: Fri, 16 Aug 2024 06:42 PM (IST)

    हजारीबाग स्थित मेडिकल कॉलेज में मृतक के परिजनों ने गुस्से में आकर डॉक्टर के साथ बुरी तरह से मारपीट की। मारपीट के दौरान डॉक्टर को कई जगह चोट आई। डॉक्टर ...और पढ़ें

    मारपीट की घटना में अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल। जागरण
    मारपीट की घटना में अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल। जागरण

    HighLights

    1. मेडिकल कॉलेज में मृतक के परिजनों ने डॉक्टर को पीटा
    2. डॉक्टर को आई चोट, मारपीट में एक दांत भी टूटा
    3. पुलिस ने मारपीट के मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया

    संवाद सहयोगी, हजारीबाग। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शुक्रवार को मेल मेडिकल वार्ड में राउंड लगा रहे असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सोमा उरांव के साथ मृतक के परिजनों ने मारपीट की। इस दौरान डॉ. उरांव को हल्की-फुल्की चोट लगी और उनका एक दांत टूट गया। डॉक्टर ने अपना जूता आदि छोड़कर वार्ड से किसी प्रकार से भागकर जान बचाई।

    इसकी जानकारी मिलने के बाद वहां कार्य कर रहे डॉक्टर और इंटर्न आक्रोश में आ गए और मारपीट करने पर उतारू हो गए। हालांकि, लोगों के बीचबचाव करने के बाद आरोपी को पकड़ कर केंद्रीय इमरजेंसी के एक कमरे में बंद कर दिया।

    इमरजेंसी सेवाओं को बंद करने का एलान

    इसके बाद मौजूद डॉक्टरों व इंटर्न के छात्रों ने इमरजेंसी सहित सभी सेवाएं बंद करने का एलान कर दिया। बता दें कि मृतक की पहचान टाटीझरिया के झरपो निवासी 70 वर्षीय गणेश राम पिता- झुमन राम के तौर की गई, जिसे शुक्रवार की सुबह ही अस्पताल में इलाज कराने के लिए भर्ती किया था।

    पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया

    वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मारपीट के दो आरोपियों को हिरासत में लेकर थाना चली गई। इसके बाद सदर थाना प्रभारी सपन कुमार महथा भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित डॉक्टर से मुलाकात कर उनसे शिकायत का आवेदन लिया। साथ ही सभी को समझा-बुझाकर कानून अपने हाथों में नहीं लेने का आग्रह किया।

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    मरीजों को हुई दिक्कत

    हालांकि, इंटर्नशिप कर रहे छात्रों के हंगामे के कारण अस्पताल की इमरजेंसी की सेवाएं भी कई घंटे तक बाधित रही। जिसका संज्ञान अस्पताल प्रबंधन से लेकर अस्पताल के वरीय प्रशासक सह उप-विकास आयुक्त ने भी नहीं लिया। इस कारण समाचार लिखे जाने तक देर शाम तक ओपीडी सेवाएं प्रारंभ नहीं हो पाई थी। जिससे इलाज कराने अस्पताल पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    वहीं, कल शनिवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सभी प्राध्यापक, डॉक्टर्स, एसआर, जेआर एवं इंटर्न शहर में रैली निकालकर शुक्रवार की घटना का विरोध जताएंगे।

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