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    सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रिजल्ट पर उठे सवाल; स्मार्ट क्लास के बावजूद पिछड़ रहे विज्ञान के छात्र

    Updated: Thu, 14 May 2026 10:00 PM (GMT+05:30)

    राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना के इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, खासकर विज्ञान संकाय में खराब प्रदर् ...और पढ़ें

    सीएम स्‍कूल ऑफ साइंस का फाइल फाेटो।

    सीएम स्‍कूल ऑफ साइंस का फाइल फाेटो।

    HighLights

    1. चुरचू कस्तूरबा एसओई विज्ञान में सबसे कमजोर।

    2. विशेषज्ञों ने नियमित मॉनिटरिंग, प्रयोगात्मक शिक्षा पर जोर दिया।

    जागरण संवाददाता, हजारीबाग। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (एसओई) एक बार फिर चर्चा में है। आधुनिक संसाधनों, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लैब, पुस्तकालय और विषयवार शिक्षकों से सुसज्जित इन विद्यालयों का इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। 
     
    खासकर विज्ञान संकाय के परिणाम ने शिक्षा विभाग और अभिभावकों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। कई विद्यालयों में विज्ञान संकाय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को कंपार्टमेंट मिला है, जबकि टॉपर विद्यार्थियों के अंक भी अपेक्षाकृत कम रहे। 
     

    चुरचू कस्तूरबा एसओई का विज्ञान परिणाम सबसे कमजोर 

    सबसे निराशाजनक प्रदर्शन एसओई कस्तूरबा विद्यालय चुरचू का रहा। यहां विज्ञान संकाय का परिणाम केवल 65.08 प्रतिशत दर्ज किया गया। कुल 63 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुई थीं, जिनमें से सिर्फ 41 सफल हो सकीं। तीन छात्राएं असफल रहीं, जबकि 19 को कंपार्टमेंट मिला।

    विद्यालय की विज्ञान टॉपर निशा कुमारी ने 63.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। हालांकि कला संकाय का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। कला में 89.58 प्रतिशत छात्राएं सफल हुईं और रश्मि कुमारी ने 76.2 प्रतिशत अंक लाकर विद्यालय टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।

     

    सीएम एसओई गर्ल्स में कला संकाय का बेहतर प्रदर्शन

    सीएम एसओई गर्ल्स विद्यालय में विज्ञान संकाय का परिणाम 80.85 प्रतिशत रहा। यहां 47 छात्राओं में से 38 ने सफलता हासिल की। विज्ञान की टॉपर शिखा कुमारी ने 91.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

    कला संकाय में विद्यालय का प्रदर्शन काफी शानदार रहा, जहां 98 प्रतिशत छात्राएं सफल हुईं। आयुषी सिन्हा ने 93.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कला संकाय में टॉप किया।

    कॉमर्स संकाय में 84.62 प्रतिशत छात्राओं ने सफलता हासिल की। नंदनी कुमारी ने 71.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय की कामर्स टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।

     

    डिस्ट्रिक्ट सीएम एसओई में कॉमर्स का शत-प्रतिशत रिजल्ट 

    डिस्ट्रिक्ट सीएम एसओई का विज्ञान संकाय भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सका। यहां 53 विद्यार्थियों में से 45 ही सफल हुए और सफलता प्रतिशत 84.91 रहा। अभिषेक कुमार ने 90.8 प्रतिशत अंक हासिल कर विज्ञान संकाय में टॉप किया।

    कला संकाय का प्रदर्शन बेहतर रहा, जहां 97.96 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। शिवानी कुमारी ने 91.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कला संकाय में टॉप किया।

    कॉमर्स संकाय ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। सभी 29 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की और विद्यालय ने शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया। अजित कुमार राणा ने 87.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कामर्स टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।

    विज्ञान संकाय के कमजोर परिणाम पर बढ़ी चिंता 

    सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना को राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने के उद्देश्य से शुरू किया था। इन विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल क्लासरूम, प्रशिक्षित शिक्षक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की व्यवस्था की गई है। 
     
    इसके बावजूद विज्ञान संकाय का कमजोर प्रदर्शन कई सवाल खड़े कर रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बेहतर आधारभूत संरचना से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित नहीं होती। 
     
    नियमित शैक्षणिक मॉनिटरिंग, प्रयोगात्मक शिक्षा, विद्यार्थियों की बुनियादी समझ और लगातार मूल्यांकन पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार विज्ञान विषयों में अवधारणात्मक अध्ययन, नियमित अभ्यास और व्यक्तिगत मार्गदर्शन अत्यंत जरूरी होता है। 
     
    यदि समय पर शंका समाधान और प्रयोगशाला आधारित अध्ययन नहीं हो तो परिणाम प्रभावित होना स्वाभाविक है। सरकार ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को राज्य के मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने का दावा किया था। 
     
    ऐसे में विज्ञान संकाय के कमजोर परिणाम ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी निगाहें शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि वह इन परिणामों की समीक्षा कर वास्तविक कारणों की पहचान करता है या नहीं, तथा आगामी सत्र में सुधार के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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