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हजारीबाग के चर्चित दोहरे हत्याकांड में 6 दोषियों को उम्रकैद, बेटी-दामाद को न्याय दिलाने के लिए लड़ते रहे पिता

Published: Sat, 10 Oct 2026 09:56 AM (IST)

हजारीबाग के चर्चित राहुल-पूजा दोहरे हत्याकांड में दो साल बाद न्याय मिला है। अदालत ने छह दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

हजारीबाग में दोहरे हत्याकांड में छह दोषियों को आजीवन कारावास।

हजारीबाग में दोहरे हत्याकांड में छह दोषियों को आजीवन कारावास।

HighLights

  1. राहुल-पूजा दोहरे हत्याकांड में छह दोषियों को आजीवन कारावास।

  2. प्रत्येक दोषी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

संवाद सूत्र, हजारीबाग। इचाक के चर्चित राहुल मेहता और पूजा यादव दोहरे हत्याकांड में शुक्रवार को अदालत ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषियों को तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। करीब दो वर्ष पहले पति-पत्नी की हत्या कर शव जलाने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। मामले में अदालत के फैसले के बाद मृतका के परिजनों ने न्याय मिलने पर संतोष जताया और न्यायालय के प्रति विश्वास प्रकट किया।

यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश तरुण कुमार की अदालत ने सुनाया। दोषियों में राहुल के पिता ईश्वर मेहता समेत छह लोग शामिल हैं। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 301, 120बी और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की गहन जांच और अनुसंधान के बाद आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

इन छह दोषियों को सुनाई गई सजा

अदालत ने जिन छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, उनमें ईश्वर मेहता, पिता टीको महतो, कुरहा, इचाक; बबलू कुमार मेहता, पिता ईश्वर मेहता, कुरहा, इचाक; विक्की कुमार, पिता अशोक राम, परासी, इचाक; सोनू कुमार सिन्हा, पिता विनोद सिंहा मोहनपुर, पंचंभा, गिरिडीह; आशीष पांडेय, पिता अशोक पांडेय, परासी, इचाक तथा बॉबी कुमार, पिता सुरेश पासवान, कटकमदाग, हजारीबाग शामिल हैं।

पिता ने कहा, न्यायालय पर था पूरा भरोसा

मृतका पूजा यादव के पिता राममूरत यादव उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी और दामाद राहुल मेहता की हत्या कर करीब दो वर्ष पहले उनके शव जला दिए गए थे। बेटी और दामाद को न्याय दिलाने के लिए वह लगातार प्रयास करते रहे। उन्होंने न्यायालय में भी अपनी बात रखी और न्याय मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी।

उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था। अदालत ने जो फैसला सुनाया है, वह उन्हें स्वीकार है। ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को सजा मिलनी ही चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने की हिम्मत नहीं करे।

पुलिस के अनुसंधान के बाद आरोपितों की हुई थी गिरफ्तारी

मामले के अनुसंधान से जुड़े तत्कालीन पुलिस निरीक्षक मोहम्मद शाहिद राजा ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने बारीकी से जांच की थी। साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अनुसंधान आगे बढ़ाया गया और आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि लोगों को कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए। गलत करने वालों को कानून के तहत सजा मिलती है।

आदर्श युवा संगठन ने फैसले का किया स्वागत

आदर्श युवा संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम कुमार मेहता ने अदालत के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णय से यह संदेश गया है कि अपराध करने वालों को कानून के सामने जवाब देना पड़ता है। लोगों को न्यायालय पर भरोसा रखना चाहिए। संगठन भी गलत कार्य करने वालों का कड़ा विरोध करता रहेगा।

क्या था मामला?

15 जून 2024 को इचाक थाना क्षेत्र के परासी में राहुल कुमार मेहता और उनकी पत्नी पूजा यादव की हत्या कर शव जला दिए जाने का मामला सामने आया था। राहुल और पूजा दोनों दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने शादी करने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों राहुल के घर आए और इचाक बाजार में कोचिंग संस्थान चलाने लगे।

मृतका के पिता राममूरत यादव के अनुसार, राहुल और पूजा के संबंध को लेकर राहुल के पिता ईश्वर मेहता विरोध कर रहे थे। उनका आरोप था कि पूजा दूसरे समुदाय की नहीं, बल्कि दूसरी जाति की होने के कारण राहुल के पिता इस शादी के खिलाफ थे। परिजनों के बीच शादी को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन बाद में दहेज की मांग और जाति को लेकर विवाद बढ़ने लगा। पूजा के पिता ने आरोप लगाया कि ईश्वर मेहता उनकी बेटी को प्रताड़ित करते थे।

आरोप है कि इसी विवाद के दौरान राहुल के पिता ने अपने साथियों के साथ मिलकर राहुल और पूजा की हत्या की साजिश रची। इसके बाद दोनों की हत्या कर शव को परासी स्थित श्मशान घाट में जला दिया गया। घटना की जानकारी पुलिस को मिली तो मामले की जांच शुरू हुई। पूजा के पिता ने भी पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपितों को गिरफ्तार किया और मामला अदालत तक पहुंचा।

करीब दो वर्ष तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई। 

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