विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हजारीबाग में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की अब खैर नहीं! प्रशासन को भेजें फोटो और दस्तावेज; होगी कार्रवाई

Published: Thu, 13 Aug 2026 08:53 AM (IST)

हजारीबाग जिला प्रशासन ने सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों के लिए एक ई-मेल आईडी जारी की है। ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।

एआई जेनरेटेड इमेज।

HighLights

  1. सरकारी/सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें आमंत्रित।

  2. शिकायत के लिए जिला प्रशासन ने ई-मेल आईडी जारी की।

संवाद सहयोगी, हजारीबाग। हजारीबाग जिले में सरकारी एवं सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण की शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन ने आमजनों से सीधे जानकारी साझा करने की अपील की है।

प्रशासन का कहना है कि जिले में यदि कहीं सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को देकर कार्रवाई में सहयोग किया जा सकता है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी तालाब, गैर मजरूआ खास भूमि, जंगल-झाड़ी, नदी, नाला समेत अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर किए गए अतिक्रमण की जानकारी प्रशासन को दी जा सकती है। ऐसे मामलों की जानकारी स्थानीय स्तर पर सामने आने पर लोग प्रशासन को इसकी सूचना उपलब्ध करा सकते हैं।

शिकायत भेजते समय केवल आरोप या जानकारी देने के बजाय उसके समर्थन में उपलब्ध साक्ष्य भी साझा करने को कहा गया है। इसके लिए संबंधित स्थल की फोटोग्राफ और आवश्यक दस्तावेज शिकायत के साथ उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे प्रशासन को मामले की जांच करने में मदद मिलेगी।

ई-मेल के माध्यम से भेज सकेंगे शिकायत

अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों के लिए जिला प्रशासन ने एक ई-मेल आईडी भी जारी की है। आमजन इस माध्यम से सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण से संबंधित शिकायत प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। शिकायत के साथ उपलब्ध फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज भी ई-मेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि आम लोगों से प्राप्त शिकायतों को संबंधित स्तर पर जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन की इस अपील का उद्देश्य सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखने के साथ-साथ ऐसे मामलों की जानकारी प्रशासन तक समय पर पहुंचाना है। प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि वे अपने आसपास सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर होने वाले अतिक्रमण की जानकारी सामने आने पर इसकी सूचना दें और उपलब्ध साक्ष्य भी साझा करें।