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    हजारीबाग में दर्दनाक हादसा: उम्र भर साथ निभाया, अब मौत भी एक साथ आई; आसमानी बिजली ने ली दंपती की जान

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 05:44 PM (IST)

    हजारीबाग के कटकमसांडी में धान की रोपाई की तैयारी कर रहे एक दंपती की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में मा ...और पढ़ें

    उम्र भर साथ निभाया, अब मौत भी एक साथ आई; आसमानी बिजली ने ली दंपती की जान

    उम्र भर साथ निभाया, अब मौत भी एक साथ आई; आसमानी बिजली ने ली दंपती की जान

    HighLights

    1. हजारीबाग में आकाशीय बिजली गिरने से दंपती की मौत।

    2. धान के खेत में बिचड़ा उखाड़ते समय हुई दर्दनाक घटना।

    3. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मुआवजे की मांग।

    संवाद सूत्र, हजारीबाग। धान की फसल की उम्मीद में खेत में बिचड़ा उखाड़ रहे एक दंपती की जिंदगी गुरुवार को अचानक थम गई। कटकमसांडी प्रखंड की कंचनपुर पंचायत अंतर्गत कंचनपुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से पति-पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

    घटना शाम करीब पांच बजे की है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। जिस खेत में कुछ देर पहले दोनों पति-पत्नी मेहनत कर रहे थे, वही खेत देखते ही देखते उनके लिए अंतिम ठिकाना बन गया।

    मृतकों की पहचान बासुदेव महतो (51) और उनकी पत्नी दुलीया देवी (48) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दोनों धान की रोपाई की तैयारी के लिए खेत में बिचड़ा उखाड़ रहे थे। इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली।

    हल्की बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली खेत में आ गिरी। वज्रपात की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। खेत में मौजूद अन्य ग्रामीण शोर सुनकर दौड़े और दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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    घटनास्थल पर ही दोनों ने दम तोड़ दिया। एक साथ पति-पत्नी की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया और गांव की आंखें नम हो उठीं। सूचना मिलते ही पेलावल ओपी पुलिस मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल भेज दिया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। एक ही परिवार के दो सहारों के चले जाने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोग शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि बासुदेव महतो और दुलीया देवी मेहनतकश दंपती थे, जो अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए खेतों में दिन-रात मेहनत करते थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि खेती की तैयारी के दौरान प्रकृति का कहर उनकी जिंदगी छीन लेगा।

    घटना की जानकारी मिलने पर पूर्वी जिला परिषद सदस्य मंजू नंदनी के प्रतिनिधि मनीष ठाकुर भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से आपदा राहत मद के तहत पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।

    वहीं कटकमसांडी प्रमुख सह पंचायत समिति सदस्य संगीता देवी, पंचायत समिति सदस्य अंजू बाला, मुखिया पिंकी राणा, उपमुखिया प्रकाश कुशवाहा, समाजसेवी पप्पू कुशवाह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया।

    उन्होंने प्रशासन से मृतक परिवार के आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा हरसंभव सरकारी लाभ दिलाने की मांग की। गांव में देर शाम तक शोक का माहौल बना रहा।