Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अंधेरा होते ही सक्रिय हो जाता है हजारीबाग के चौपारण में प्रतिबंधित मांगुर मछली का नेटवर्क, स्थानीय लोगों ने उठाए कई सवाल

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 09:05 AM (IST)

    चौपारण (हजारीबाग) में जीटी रोड पर प्रतिबंधित अफ्रीकी मांगुर मछली का अवैध परिवहन पश्चिम बंगाल से बिहार व अन्य राज्यों तक जारी है। स्थानीय लोगों ने इस अ ...और पढ़ें

    जीटी रोड पर प्रतिबंधित अफ्रीकी मांगुर का अवैध परिवहन। एआई जेनरेटेड इमेज

    जीटी रोड पर प्रतिबंधित अफ्रीकी मांगुर का अवैध परिवहन। एआई जेनरेटेड इमेज

    HighLights

    1. जीटी रोड पर प्रतिबंधित अफ्रीकी मांगुर का अवैध परिवहन।

    2. पश्चिम बंगाल से बिहार व अन्य राज्यों में तस्करी।

    संसू, चौपारण (हजारीबाग)। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (जीटी रोड) से होकर प्रतिबंधित विदेशी प्रजाति की अफ्रीकी मांगुर मछली के अवैध परिवहन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम ढलते ही पश्चिम बंगाल से पिकअप व अन्य छोटे मालवाहक वाहनों में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मांगुर मछली लोड कर चौपारण के रास्ते बिहार सहित अन्य राज्यों में भेजी जाती है।

    ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और रात के अंधेरे का लाभ उठाकर बेखौफ तरीके से कारोबार संचालित किया जा रहा है।

    उनका आरोप है कि संबंधित विभागों की ओर से नियमित एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण इस अवैध धंधे पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन लाखों रुपये मूल्य की प्रतिबंधित मछली की तस्करी की जा रही है।

    यह मामला वर्ष 2025 के झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में भी उठ चुका है। बरही विधानसभा क्षेत्र के विधायक मनोज कुमार यादव ने सदन में सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा था कि पश्चिम बंगाल से चौपारण होकर जीटी रोड के रास्ते प्रतिबंधित मांगुर मछली का बड़े पैमाने पर अवैध परिवहन हो रहा है।

    उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों एवं चेकपोस्टों पर नियमित जांच अभियान चलाने, निगरानी बढ़ाने तथा इस कारोबार में संलिप्त लोगों और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

    सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अब तक अपेक्षित सख्ती देखने को नहीं मिली है।

    विशेषज्ञों के अनुसार अफ्रीकी मांगुर एक विदेशी एवं आक्रामक प्रजाति है, जो स्थानीय जलीय जैव विविधता तथा देशी मछलियों के लिए गंभीर खतरा मानी जाती है। इसी कारण पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से इसके पालन, परिवहन और व्यापार पर प्रतिबंध लगाया गया है।

    इसके बावजूद अधिक मुनाफे के लालच में इस प्रजाति के अवैध परिवहन और कारोबार की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

    स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, मत्स्य विभाग तथा पुलिस प्रशासन से जीटी रोड पर विशेष जांच अभियान चलाने, रात के समय मालवाहक वाहनों की सघन जांच करने तथा प्रतिबंधित मछली के अवैध परिवहन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

    खबरें और भी

    नका कहना है कि नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई से ही इस अवैध नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उल्लेखनीय है कि चौपारण में वन विभाग का चेकपोस्ट तथा झारखंड-बिहार सीमा पर चोरदाहा चेकपोस्ट पर 24 घंटे पुलिस की तैनाती रहती है।

    इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से प्रतिबंधित मांगुर मछली का अवैध परिवहन निर्बाध रूप से जारी है, जिससे निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।