यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: गुजरात में बंधुआ मजदूर बनाए गए झारखंड के 11 युवकों की रिहाई, जानिए पूरा मामला
Jharkhand News गुजरात में 11 युवकों को बंधुआ मजदूर बना लिया गया था। ईचागढ़ के कुकड़ू प्रखंड के ये युवक बेहतर जीवन की उम्मीद में सूरत में सोलर पैनल कंप ...और पढ़ें

जासं, जमशेदपुर। रोजगार की चाह में निकले 11 युवकों को गुजरात में बंधुआ मजदूर बना लिया गया था। ईचागढ़ के कुकड़ू प्रखंड के ये युवक बेहतर जीवन की उम्मीद में सूरत में सोलर पैनल कंपनी में काम करने की चाह में गए थे।
हालांकि, उनकी मंजिल सूरत की जगह गुजरात के भुज शहर के पास पाकिस्तान सीमा के करीब एक अनजान जगह निकली। वहां उन्हें बंधक बना लिया गया और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई।
किसी तरह एक युवक कलेश्वर लोहार वहां से भाग निकला और उसने अपने साथियों को छुड़वाने के लिए ईचागढ़ भाजयुमो नेता विनोद राय व मिलन सिन्हा से मदद मांगी।
रकम चुकाकर लौट पाए युवक
भय और दहशत के माहौल में इन युवकों ने अपनी रिहाई के लिए 24 हजार 750 रुपये की रकम अदा की और जान बचाकर वापस लौट पाए।
ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के कुकड़ू प्रखंड से कलेश्वर लोहार, नारायण सिंह मुंडा, मुकेश कालिंदी, अजय कालिंदी, असीम लोहा, धर्मेंद्र लोहार, एमपी लोहार, एन लोहार, प्रथम लोहार, बुद्धू कुइरी और अर्जुन कुइरी, कुल ग्यारह युवकों का एक समूह पिछले शनिवार को गुजरात के अहमदाबाद के लिए रवाना हुआ था।
उन्हें राहरगोड़ा के दीपक ने काम का लालच दिया था और केशव के साथ सूरत भेजा था। उन्हें सूरत में सोलर पैनल कंपनी में काम दिलाने का वादा किया गया था।
अहमदाबाद से उन्हें भुज ले जाया गया और वहां से आगे पाकिस्तान सीमा के करीब एक अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा था, तभी कलेश्वर लोहार को शक हुआ और उसने अपने साथियों को आगाह किया।