झारखंड में नई रेलवे लाइन का रास्ता साफ, 60 KM होगी लंबाई; ओडिशा से मिलेगी कनेक्टिविटी
बुड़ामारा-चाकुलिया रेल लाइन परियोजना के लिए ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण पर सहमति दे दी है। उपायुक्त के निर्देश पर ग्राम सभाओं में अधिकारियों ने ग्रामीण ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। बहुप्रतीक्षित बुड़ामारा-चाकुलिया रेल लाइन परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
शुक्रवार को परियोजना प्रभावित गांवों में आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने भूमि अर्जन के लिए अपनी सहमति दे दी है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी आपत्तियों का समाधान किया।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी गुंजन सिन्हा की अध्यक्षता में भूरशान, खैरबनी, टोभाबनी, गौरांगपुर, मौदा एवं हिजली गांवों में ग्राम सभा का आयोजन किया गया।
अधिकारियों ने रैयतों से की बात
इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को रेल परियोजना के लाभ और भूमि अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से समझाया।

लोगों के साथ बातचीत करते अधिकारी।
रैयतों ने परियोजना को लेकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिन्हें अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब देकर शांत किया।
शुरू होगा रेल लाइन निर्माण कार्य
ग्रामीणों की सहमति मिलने से अब रेल लाइन निर्माण का कार्य निर्बाध रूप से शुरू हो सकेगा। इस दौरान बहरागोड़ा के अंचल अधिकारी, दक्षिण पूर्व रेलवे खड़गपुर के सहायक अधिशासी अभियंता सहित स्थानीय ग्रामीण और संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
रेल लाइन बनने से क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकास के नए द्वार खुलेंगे। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि भूमि अर्जन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी।
60 किलोमीटर लंबी है यह रेल लाइन
बुड़ामारा-चाकुलिया रेलखंड का सामरिक और आर्थिक महत्व काफी अधिक है। करीब 60 किलोमीटर लंबी यह लाइन झारखंड के चाकुलिया को ओडिशा के मयूरभंज जिले स्थित बुड़ामारा से जोड़ेगी।
वर्तमान में चाकुलिया हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग पर है। इस मिसिंग लिंक के जुड़ने से चाकुलिया से बारीपदा और बालेश्वर की दूरी काफी घट जाएगी।