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पूर्वी सिंहभूम के पीएमश्री कस्तूरबा स्कूल में छात्रा की ब्रेन मलेरिया से मौत, परिजनों ने की जांच की मांग

By Shankar GuptaEdited By: Shashank Baranwal
Published: Thu, 25 Jun 2026 10:15 AM (GMT+05:30)

पूर्वी सिंहभूम के पोटका स्थित पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की सातवीं कक्षा की छात्रा लख्खी सरदार की ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई है।

HighLights

  1. छात्रा लख्खी सरदार की ब्रेन मलेरिया से हुई मौत।

  2. परिजनों और मुखिया ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

  3. विद्यालय की स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठे।

संवाद सूत्र, पोटका। पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, पोटका की सातवीं कक्षा की छात्रा लख्खी सरदार की ब्रेन मलेरिया से मौत हो जाने के बाद परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, सानग्राम पंचायत के सानग्राम गांव निवासी लख्खी सरदार के माता-पिता का वर्षों पहले निधन हो चुका था। अनाथ होने के कारण परिजनों ने उसकी बेहतर शिक्षा और भविष्य की उम्मीद में उसका नामांकन पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कराया था। विद्यालय में पढ़ाई के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे तेज बुखार की शिकायत होने लगी।

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विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्रा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका में भर्ती कराया गया। वहां स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में भी हालत चिंताजनक बनी रहने के कारण उसे एमजीएम अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान बुधवार शाम उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार छात्रा ब्रेन मलेरिया से पीड़ित थी।

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घटना के बाद सानग्राम पंचायत के मुखिया ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए विद्यालय की स्वास्थ्य एवं आवासीय व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कस्तूरबा विद्यालयों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि बच्चों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण नहीं मिल पा रहा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा ब्रेन मलेरिया जैसी बीमारी की चपेट में आ गई, जो समय पर समुचित देखभाल और उपचार मिलने पर नियंत्रित की जा सकती थी।

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मुखिया ने कहा कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। उन्होंने कहा कि एक अनाथ बच्ची की असमय मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं, मृत छात्रा के परिजनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि एक छोटी उम्र की बच्ची का बीमारी के कारण इस तरह जान गंवाना अत्यंत दुखद है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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