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जब जग्गी के बल्ले से गूंजा था चेपक: 14 साल पहले इशांक के शतक ने पूर्वी क्षेत्र की झोली में डाला था दलीप ट्रॉफी का खिताब

Published: Mon, 07 Sep 2026 01:01 PM (IST)

पूर्वी क्षेत्र की टीम 14 साल बाद चेन्नई के चेपक स्टेडियम में दिलीप ट्रॉफी का खिताब जीतने उतरी है, जहां वह 2012 में भी चैंपियन बनी थी।

मध्य क्षेत्र के पास भुवनेश्वर कुमार, प्रवीन कुमार, मुरली कार्तिक और ईश्वर पांडे जैसे घातक गेंदबाजों का आक्रमण मौजूद था।

मध्य क्षेत्र के पास भुवनेश्वर कुमार, प्रवीन कुमार, मुरली कार्तिक और ईश्वर पांडे जैसे घातक गेंदबाजों का आक्रमण मौजूद था।

HighLights

  1. पूर्वी क्षेत्र 14 साल बाद चेपक में दिलीप ट्रॉफी फाइनल।

  2. ईशान किशन की कप्तानी में इतिहास दोहराने की उम्मीद।

  3. 2012 में इसी मैदान पर पूर्वी क्षेत्र बना था चैंपियन।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। दलीप ट्रॉफी के इतिहास में 14 साल बाद एक बार फिर बेहद सुखद इत्तेफाक दोहराने जा रहा है। पूर्वी क्षेत्र (East Zone) की टीम एक बार फिर चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम (चेपक) स्टेडियम में खिताबी जंग लड़ने उतरी है। 
 
इस बार टीम की कमान कप्तान ईशान किशन के हाथों में है, जबकि बिहार के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी और झारखंड के होनहार विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र जैसे खिलाड़ियों पर पूर्वी क्षेत्र को फिर से चैंपियन बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है।
 

कोच और क्रिकेट प्रशंसकों को पूरी उम्मीद है कि मौजूदा टीम 2012 के उस ऐतिहासिक पल को दोहराएगी, जब इसी मैदान पर प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद पूर्वी क्षेत्र ने मध्य क्षेत्र (Central Zone) को हराकर दलीप ट्रॉफी का अपना पिछला खिताब जीता था।

2012 का वो यादगार मुकाबला और इशांक जग्गी का जुझारू शतक 

अक्टूबर 2012 के उस खिताबी मुकाबले में पूर्वोत्तर मानसून के कारण पहले दिन का खेल पूरी तरह बारिश की भेंट चढ़ गया था।
 
मध्य क्षेत्र के पास भुवनेश्वर कुमार, प्रवीन कुमार, मुरली कार्तिक और ईश्वर पांडे जैसे घातक गेंदबाजों का आक्रमण मौजूद था। 
 
बेहद कठिन परिस्थितियों में झारखंड के 23 वर्षीय बल्लेबाज इशांक जग्गी ने चौथे नंबर पर उतरकर मोर्चा संभाला था। उन्होंने 251 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 100 रनों की मैराथन पारी खेली और टीम को 232 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
 

अंशुप मजूमदार का चमत्कारी स्पेल 

पूर्वी क्षेत्र के 232 रनों के जवाब में मध्य क्षेत्र की टीम तन्मय श्रीवास्तव (94 रन) की बदौलत मजबूत स्थिति में दिख रही थी। अंतिम दिन जब पूर्वी क्षेत्र को चमत्कार की जरूरत थी, तब पार्ट-टाइम लेग-स्पिनर अंशुप मजूमदार ने कप्तान नटराज बेहरा से गेंद मांगी। 
 
मजूमदार ने अपनी तीसरी ही गेंद पर महेश रावत को आउट कर मध्य क्षेत्र के पतन की शुरुआत कर दी। मजूमदार (4/29) और बाएं हाथ के स्पिनर इरेश सक्सेना (5/58) ने तबाही मचाते हुए मध्य क्षेत्र को 189 रन पर समेट दिया। 
 
क्या फिर रचेगा इतिहास?
 
पूर्वी क्षेत्र ने पहली पारी में 43 रन की निर्णायक बढ़त हासिल कर खिताब अपने नाम किया था। आज एक बार फिर इतिहास के दरवाजे पर खड़ी पूर्वी क्षेत्र की टीम है। 
 
इसमें ईशान किशन की आक्रामक कप्तानी, वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी और कुशाग्र का जुझारूपन देखने को मिलेगा। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि चेपक के इसी मैदान से पूर्वी क्षेत्र एक बार फिर चैंपियन बनकर लौटेगा।