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    जमशेदपुर में ईस्टर की धूम:‘जी उठा है प्रभु यीशु’ के जयघोष से गूंजे चर्च, मसीही समाज में जश्न

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 11:21 PM (IST)

    जमशेदपुर में ईस्टर का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं, जहां पादरियों ने मानवता और त्याग का सं ...और पढ़ें

    बेल्डीह कब्रिस्तान में ईस्टर पर कब्र पर मसीहियों ने फूल चढाया।

    बेल्डीह कब्रिस्तान में ईस्टर पर कब्र पर मसीहियों ने फूल चढाया।

    HighLights

    1. गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं और मिस्सा आयोजित हुई।

    2. पादरी ने मानवता, क्षमा और त्याग का संदेश दिया।

    3. बेल्डीह कब्रिस्तान में दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का पर्व 'ईस्टर' रविवार को जमशेदपुर में अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ मनाया गया। शहर के तमाम चर्चों में सुबह की विशेष प्रार्थना सभाओं से लेकर शाम को कब्रिस्तानों में दी गई श्रद्धांजलि तक, पूरा मसीही समाज भक्ति के रंग में डूबा नजर आया।

    गिरजाघरों में गूंजे 'हैलेलूया' के स्वर

    सुबह की पहली किरण के साथ ही गोलमुरी स्थित संत जोसफ महा गिरजाघर, बिष्टुपुर के बैप्टिस्ट चर्च, बेल्डीह चर्च और सीतारामडेरा चर्च सहित शहर के सभी प्रमुख गिरजाघरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। नए वस्त्रों में सजे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने विशेष मिस्सा और प्रार्थना सभाओं में भाग लिया।

    पादरी और फादरों ने प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने का संदेश देते हुए मानवता, क्षमा और त्याग का पाठ पढ़ाया। 'हैलेलूया' और 'प्रभु जी उठा है' के गीतों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां जलाकर विश्व शांति और सुख-समृद्धि की कामना की।

    दिवंगतों की याद में सजे कब्रिस्तान

    ईस्टर का उत्सव केवल चर्चों तक सीमित नहीं रहा। शाम होते ही आस्था का केंद्र बेल्डीह कब्रिस्तान बन गया। मसीही समाज के हजारों लोग अपने दिवंगत पूर्वजों और परिजनों की याद में कब्रिस्तान पहुंचे। 
     
    लोगों ने कब्रों की साफ-सफाई कर उन्हें रंग-बिरंगे फूलों से सजाया और मोमबत्तियां जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान माहौल भावुक लेकिन आशावादी रहा, क्योंकि ईस्टर मृत्यु पर जीवन की विजय का प्रतीक माना जाता है।
     

    सांप्रदायिक सौहार्द और खुशियों का आदान-प्रदान

    सीतारामडेरा चर्च के रौनक दास ने बताया कि ईस्टर जमशेदपुर के लिए भाईचारे का संदेश लेकर आया। लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर ईस्टर की बधाई दी और मिठाइयां बांटीं। बच्चों में उपहारों और ईस्टर एग्स को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।

    पुनर्जीवन और आशा का पर्व

    ईस्टर के इस अवसर पर शहर के धर्मगुरुओं ने संदेश दिया कि यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में कितनी भी बड़ी बाधा या अंधकार क्यों न आए, सत्य और विश्वास की हमेशा जीत होती है। देर रात तक शहर के विभिन्न हिस्सों में मसीही परिवारों में मिलन समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा।

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