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    VIDEO: जमशेदपुर नाइट लाइफ या गुंडाराज? डबल डाउन बार के बाहर खूनी झड़प, पुलिस की भूमिका संदिग्ध

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 11:46 PM (IST)

    जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन डीबी क्लब के बाहर दो गुटों में खूनी झड़प हुई, जिसमें प्रत्युष आनंद और हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। ...और पढ़ें

    जमशेदपुर पुलिस की मौजूदगी में सड़क पर तड़पता रहा घायल युवक।

    जमशेदपुर पुलिस की मौजूदगी में सड़क पर तड़पता रहा घायल युवक।

    HighLights

    1. जमशेदपुर के क्लब के बाहर दो गुटों में खूनी झड़प।

    2. प्रत्युष आनंद और हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल, हालत नाजुक।

    3. पुलिस की मौजूदगी में हमला, संदिग्ध भूमिका पर गंभीर आरोप।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड में जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन डीबी क्लब' के नीचे शनिवार देर रात दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प और चापड़बाजी की घटना ने पूरे शहर को दहला दिया है। 
     
    इस जानलेवा हमले में आदित्यपुर (हरिओम नगर) निवासी प्रत्युष आनंद और करणी सेना के आदित्यपुर जिला युवा अध्यक्ष हिमांशु सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। 
     
    टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में प्रत्युष आनंद का करीब चार घंटे तक जटिल ऑपरेशन चला, लेकिन वह अब भी बेहोश हैं। वहीं, करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर कर दिया गया है। 
     
    डॉक्टरों के अनुसार, चापड़बाजी के कारण दोनों युवकों की छाती, पेट और सिर पर गहरे जख्म हैं। इस घटना के बाद से दोनों युवकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
     

    CCTV फुटेज से खुलासा: पुलिस की मौजूदगी में चलता रहा चापड़

    इस पूरी वारदात के बाद जमशेदपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। हिमांशु के परिजनों और सहयोगियों ने घटनास्थल के कई सीसीटीवी फुटेज और वीडियो जुटाए हैं, जो पुलिस की थ्योरी को कटघरे में खड़ा करते हैं। 

     

    परिजनों के सनसनीखेज आरोप: 

    •     मूकदर्शक बनी रही पुलिस: सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि पुलिस की मौजूदगी में हमलावर दोनों युवकों पर चापड़ से ताबड़तोड़ वार कर रहे थे, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशा देखती रही। 
    •     पेट्रोलिंग वाहन से निकाला हथियार: परिजनों का बेहद गंभीर आरोप है कि सिटी पेट्रोलिंग वाहन से ही चापड़ निकालकर युवकों पर हमला किया गया। 
    •     घायल को उठाने तक का नहीं किया प्रयास: जब हिमांशु सिंह सड़क पर लहुलूहान होकर तड़प रहे थे, तब भी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाने या अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। हमलावर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर निकल गए। 
    इस मामले में पक्ष जानने के लिए जब बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
     

    अगर पुलिस 20 मिनट नहीं रोकती, तो टल जाती वारदात 

    परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के साथ-साथ हमलावरों को मौका देने का भी आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, डबल डाउन बार के भीतर दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हो रही थी। 
     
    इस दौरान प्रत्युष और हिमांशु ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया था। विवाद शांत होने के बाद जब दोनों युवक अपनी बुलेट बाइक से घर लौटने लगे, तभी मौके पर पहुंची सिटी पेट्रोलिंग पुलिस ने उन्हें पूछताछ के नाम पर करीब 20 मिनट तक वहीं रोककर रखा।
     
    आरोप है कि इसी 20 मिनट के भीतर दूसरे गुट ने फोन करके गम्हरिया से अपने अन्य साथियों को हथियारों के साथ बुला लिया। अगर पुलिस ने दोनों युवकों को तुरंत जाने दिया होता, तो हमलावरों को जुटने का मौका नहीं मिलता। 
     
    वहीं, पुलिस सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी खूनी झड़प क्लब के भीतर किसी लड़की से छेड़खानी के विरोध करने को लेकर शुरू हुई थी।
     

    गम्हरिया के रहने वाले हैं हमलावर, तीन हिरासत में 

    इस खूनी खेल को अंजाम देने वाले दूसरे गुट के बारे में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। जांच में पता चला है कि जानलेवा हमला करने वाले युवक सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया (डूडरा) के रहने वाले हैं। 
     
    इस घटना में दूसरे गुट का भी एक युवक घायल हुआ है, जिसका इलाज एमजीएम (MGM) अस्पताल में पुलिस कस्टडी में चल रहा है।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में अब तक तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। 
     
    इनसे गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, मुख्य हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से करणी सेना और स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश है।


    अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या जमशेदपुर पुलिस अपनी नाक के नीचे हुई इस गुंडागर्दी और अपने कर्मियों की संदिग्ध भूमिका पर कोई ठोस कार्रवाई करेगी?