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'डीडी बार कांड': मृतक हिमांशु के पिता ने बयां की उस काली रात की पूरी दास्तान, देखें कौन-कौन है नामजद

Published: Fri, 03 Jul 2026 12:34 AM (IST)

हिमांशु सिंह हत्याकांड में बिष्टुपुर पुलिस ने डीडी बार मालिक नीरज सिंह और मैनेजर विजय कुमार सहित 11 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है।

डीडी बार के बाहर हुए जानलेवा हमले में मारे गए हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह(उजले शर्ट में)।

डीडी बार के बाहर हुए जानलेवा हमले में मारे गए हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह(उजले शर्ट में)।

HighLights

  1. डीडी बार मालिक-मैनेजर पर आपराधिक साजिश का आरोप।

  2. बार के अंदर शुरू हुआ विवाद बाहर पहुंचा।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित डीडी (डबल डाउन) बार के बाहर 28 वर्षीय करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की नृशंस हत्या के मामले में मृतक के पिता अरविंद सिंह की शिकायत पर बिष्टुपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर डीडी बार के मालिक नीरज सिंह और मैनेजर विजय कुमार समेत 11 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों को हत्या, जानलेवा हमले और आपराधिक साजिश का मुख्य आरोपी बनाया है। 
 
दर्ज एफआईआर में बार प्रबंधन पर जानबूझकर अपराधियों को खूनी खेल खेलने का अवसर देने और बाउंसरों के मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया गया है।
 

बार के अंदर से शुरू हुआ था खूनी विवाद 

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 27 जून 2026 की शाम करीब छह बजे हिमांशु अपने दोस्तों प्रत्यूष कुमार सिंह, निहाल सिंह और सौरभ राउत के साथ डीडी बार में डिनर करने गया था। 
 
रात लगभग 11 बजे बार के अंदर ही दूसरे टेबल पर बैठे आठ-दस अज्ञात लड़कों के साथ किसी बात को लेकर उनका विवाद हो गया। उस वक्त बार के स्टाफ ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया था। 
 
इसके बाद हिमांशु और प्रत्यूष नीचे पार्किंग से अपनी गाड़ी निकालने चले गए, जबकि उनके अन्य साथी ऊपर ही थे। तभी नीचे उन्हें सूचना मिली कि उनके साथियों के साथ ऊपर फिर से मारपीट की जा रही है। 
 

तलवार, चापड़ और चाकू से ताबड़तोड़ वार 

हिमांशु जब बीच-बचाव करने वापस ऊपर भागा, तो वहां पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। पिता ने अपनी शिकायत में बताया है कि मुख्य हमलावर सोनू राम सरदार, विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा और उनके साथियों ने फोन कर बाहर से और लड़कों को बुला लिया था।
 
हमलावर तलवार, चापड़ और चाकू जैसे घातक हथियारों से लैस थे। जान से मारने की नीयत से अपराधियों ने हिमांशु और प्रत्यूष पर अंधाधुंध वार किए। 
 
प्राथमिकी में उल्लेख है कि आरोपी सोनू राम सरदार ने हिमांशु और प्रत्‍युष को मारने के लिए उसने अपने साथियों को जान से मारने का आदेश दे दिया। 
 
इस हमले में हिमांशु और प्रत्यूष लहूलुहान होकर गिर पड़े। इलाज के दौरान टीएमएच (TMH) में हिमांशु की मौत हो गई, जबकि प्रत्यूष की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।
 

मालिक और मैनेजर की भूमिका पर उठे सवाल 

अरविंद सिंह ने बार प्रबंधन की नीयत पर सीधे सवाल खड़े करते हुए कहा क‍ि मुझे पूरा विश्वास है कि बार मालिक नीरज सिंह और मैनेजर विजय कुमार की अपराधियों के साथ साठगांठ है। 
 
इतनी बड़ी वारदात के दौरान बार के बाउंसर वहां मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे, उन्होंने हमलावरों को रोकने की कोई कोशिश नहीं की। प्रबंधन ने जानबूझकर दोनों पक्षों को एक साथ बाहर जाने दिया, ताकि अपराधियों को मर्डर करने का पूरा मौका मिल सके।  
 

इन आरोपितों पर दर्ज हुआ मुकदमा 

पुलिस ने इस मामले में सोनू राम सरदार, विश्वनाथ मंडल, राहुल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, लखन मार्डी, बार मालिक नीरज सिंह और मैनेजर विजय कुमार को नामजद किया है।

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