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    CBSE 9th Class New Syllabus: सीबीएसई ने नौवीं कक्षा का सिलेबस बदला, अब छात्रों को रटने से मिलेगी आजादी

    Updated: Wed, 25 Mar 2026 01:55 AM (IST)

    सीबीएसई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नौवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब रटने की बजाय व्यावहारिक समझ और इंटरैक्टिव पढ़ाई ...और पढ़ें

    सीबीएसई ने नौवीं कक्षा का सिलेबस बदला, अब छात्रों को रटने से मिलेगी आजादी

    सीबीएसई ने नौवीं कक्षा का सिलेबस बदला, अब छात्रों को रटने से मिलेगी आजादी

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    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सीबीएसई स्कूलों के नए शैक्षणिक सत्र में पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एनसीईआरटी ने पाठ्यक्रम में अहम बदलाव किए हैं। अब बच्चों को रटने की आदत से मुक्ति मिलेगी और उनकी व्यावहारिक समझ विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

    कक्षाओं को अधिक संवादात्मक (इंटरैक्टिव) बनाने की तैयारी है। इन बदलावों को देखते हुए शहर के स्कूलों ने अभिभावकों को स्पष्ट संदेश भेजा है कि वे बच्चों के लिए केवल नवीनतम एनसीईआरटी की किताबें ही खरीदें, ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए।

    अंग्रेजी में बड़ा बदलाव: 29 की जगह 16 चैप्टर

    कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में सबसे बड़ा बदलाव अंग्रेजी विषय में हुआ है। अब तक छात्रों को अंग्रेजी की दो किताबें पढ़नी पड़ती थीं, जिनमें कुल 29 चैप्टर होते थे। अब इन दोनों की जगह सिर्फ एक नई किताब ''कावेरी'' लागू की गई है। इस नई किताब में केवल 16 चैप्टर रखे गए हैं।

    पुराने सिलेबस में जहां विदेशी लेखकों का दबदबा था, वहीं अब भारतीय लेखकों और भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रमुखता दी गई है। नई किताब में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर, मशहूर लेखिका सुधा मूर्ति, तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती, नागा लेखिका तेमसुला एओ और असमिया उपन्यासकार मित्रा फुकन की बेहतरीन रचनाएं शामिल हैं।

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    इसके अलावा, ''द वर्ल्ड ऑफ लिमिटलेस पॉसिबल'' नाम से एक खास चैप्टर जोड़ा गया है, जिसमें प्रसिद्ध पैरालंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक की संघर्षपूर्ण व प्रेरक कहानी बताई गई है।

    क्या हटा और क्या नया जुड़ा

    एनसीईआरटी ने सिलेबस को छोटा लेकिन अधिक प्रभावी बनाया है। कक्षा 9 के विज्ञान से ''मैटर इन आवर सराउंडिंग्स'', भौतिकी से ''ग्रेविटेशन'' और जीव विज्ञान से ''इंप्रूवमेंट इन फूड रिसोर्सेज'' को हटा दिया गया है। इतिहास के पारंपरिक और लंबे विषयों को भी कम किया गया है।

    इसके विपरीत, जीव विज्ञान में ''रिप्रोडक्शन'' और ''डायवर्सिटी'' जैसे नए अध्याय जुड़े हैं। भौतिकी में भी कुछ नए और उपयोगी टॉपिक शामिल किए गए हैं। अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल लर्निंग, वेलनेस, आर्ट और वोकेशनल जैसे आधुनिक विषयों पर अधिक फोकस रहेगा।

    प्रैक्टिकल और जीवन उपयोगी शिक्षा पर फोकस

    नई शिक्षा नीति के अनुसार पूरे सिस्टम को लचीला और छात्र-केंद्रित बनाया जा रहा है। जेपीएस बारीडीह की प्रिंसिपल नमिता अग्रवाल ने बताया कि नए पैटर्न को ध्यान में रखते हुए ही अभिभावकों को नवीनतम संस्करण लेने की सलाह दी गई है। 9वीं कक्षा में अब छात्रों को अतिरिक्त विषय और भाषाएं पढ़नी पड़ सकती हैं।

    थ्योरी से ज्यादा प्रोजेक्ट वर्क और प्रैक्टिकल पर ध्यान दिया जाएगा ताकि पढ़ाई जीवन में काम आ सके। बाजार में डिजिटल और प्रिंट दोनों तरह की किताबें उपलब्ध रहेंगी। यह बदलाव 9वीं में इसी सत्र से, जबकि 11वीं-12वीं में अगले सत्र से लागू होगा।