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झारखंड में अब गांवों में नहीं आएंगे हाथी, वन विभाग जंगल में ही करेगा भोजन का इंतजाम 

Published: Mon, 08 Jun 2026 02:57 AM (IST)

जमशेदपुर वन प्रमंडल मानव-हाथी संघर्ष कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए इस मानसून में छह लाख पौधे लगाएगा। पहली ...और पढ़ें

हाथियों का झुंड। फाइल फोटो

हाथियों का झुंड। फाइल फोटो

HighLights

  1. जमशेदपुर वन प्रमंडल लगाएगा छह लाख पौधे।

  2. हाथियों के पसंदीदा भोजन वाले पौधे प्राथमिकता पर।

  3. मानव-हाथी संघर्ष कम करने का लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की दिशा में जमशेदपुर वन प्रमंडल ने इस वर्ष एक नई और महत्वपूर्ण पहल की है।

मानसून सत्र के दौरान वन प्रमंडल क्षेत्र में लगभग छह लाख पौधे लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि पहली बार पौधारोपण योजना में हाथियों के पसंदीदा भोजन वाले पौधों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि भोजन की तलाश में हाथियों का गांवों की ओर आना कम हो सके।

वन विभाग का मानना है कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और मानव-हाथी संघर्ष के समाधान की दिशा में एक दीर्घकालिक और प्रभावी कदम साबित होगी।जमशेदपुर वन प्रमंडल पदाधिकारी सबा आलम अंसारी ने बताया कि दलमा और आसपास के वन क्षेत्रों में अक्सर हाथियों के गांवों में प्रवेश करने की घटनाएं सामने आती हैं।

इसका एक बड़ा कारण जंगलों में उनके भोजन की उपलब्धता में कमी होना है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार पौधारोपण अभियान को वन्यजीव संरक्षण से जोड़कर तैयार किया गया है।

हाथियों की पसंद के पौधों को मिलेगी प्राथमिकता

वन विभाग के अनुसार इस वर्ष बांस, बरगद, पीपल, जामुन, कटहल, आम और अन्य फलदार एवं छायादार प्रजातियों के पौधे बड़े पैमाने पर लगाए जाएंगे। ये पौधे हाथियों के प्राकृतिक भोजन का हिस्सा हैं। आने वाले वर्षों में जब ये पौधे विकसित होंगे तो जंगलों के भीतर ही हाथियों को पर्याप्त भोजन उपलब्ध हो सकेगा।

डीएफओ का कहना है कि वन क्षेत्रों में भोजन और पानी की उपलब्धता बढ़ने से हाथियों का रिहायशी इलाकों की ओर रुख कम होगा। इससे फसलों की क्षति, संपत्ति के नुकसान और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा

क्षेत्रीय वन संरक्षक स्मिता पंकज कहती हैं कि फलदार और स्थानीय प्रजातियों के पौधे केवल हाथियों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षियों, बंदरों, हिरणों और अन्य वन्यजीवों के लिए भी उपयोगी होंगे। इससे जंगलों की जैव विविधता मजबूत होगी और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षण मिलेगा।

जमशेदपुर वन प्रमंडल में इस वर्ष विभिन्न प्रकार के छह लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पहली बार हाथियों की भोजन आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पौधों का चयन किया गया है। हमारा प्रयास है कि जंगलों में प्राकृतिक खाद्य स्रोत बढ़ें और हाथियों को भोजन के लिए गांवों की ओर न जाना पड़े। - सबा आलम अंसारी, डीएफओ, जमशेदपुर वन प्रमंडल

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