Weather Update : पूर्वी सिंहभूम में आंधी-बारिश से आम की फसल को नुकसान, बिष्टुपुर की सड़कें बनीं तालाब
पूर्वी सिंहभूम जिले में तीन दिनों से जारी आंधी, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से आम व सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जमशेदपुर में जल निकासी व्यवस् ...और पढ़ें

जमशेदपुर में तेज हवा और आंधी के साथ शाम में अचानक छा गया अंधेरा।
HighLights
जमशेदपुर में जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल।
आंधी से पेड़ गिरने और कार क्षतिग्रस्त होने के हादसे।
विशेष रूप से धालभूमगढ़, पटमदा और बोड़ाम जैसे क्षेत्रों में करीब 500 एकड़ में फैले आम्रपाली और मल्लिका के बागान प्रभावित हुए हैं। सब्जी उत्पादक किसान भी बेहाल हैं। नेनुआ, लौकी और करेला की बेलें टूट गई हैं और उनके मचान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
वरिष्ठ वैज्ञानिक सीमा सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों से पानी की निकासी तुरंत करें ताकि पीलापन न फैले। साथ ही स्थानीय कृषि विभाग के संपर्क में रहकर जरूरी दवाओं का छिड़काव करें।
जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल
मूसलाधार बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम और स्वच्छता अभियान के दावों की हकीकत उजागर कर दी है।
- बिष्टुपुर मेन रोड: शहर का सबसे पॉश इलाका बिष्टुपुर चौक जलमग्न हो गया और मुख्य सड़क नदी जैसी दिखने लगी। सड़क पर घुटने भर पानी जमा होने से गाड़ियां रेंगती रहीं और कई वाहन बीच सड़क पर बंद हो गए।
- मानगो छोटा पुल: यहां भी जलजमाव के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। नालियों का कचरा और पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी हुई।
- एमजीएम अस्पताल: अस्पताल परिसर में भी जलभराव की स्थिति दिखी, जिससे मरीज और उनके परिजन भीगने को मजबूर हुए।
हादसे:पेड़ गिरने से दबे मजदूर और कार क्षतिग्रस्त
शनिवार को पंडाल खोलने आए तीन मजदूर अचानक पेड़ गिरने से उसके नीचे दब गए। अन्य मजदूरों की तत्परता से उन्हें सुरक्षित निकालकर गुरुनानक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
साकची आम बागान में तेज आंधी में एक पेड़ की डाली कार पर गिर गई। गनीमत रही कि कार सवार समय रहते बाहर निकल गए और कोई जनहानि नहीं हुई।
किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन्स
- खेतों में जमा पानी की तुरंत निकासी सुनिश्चित करें।
- फसलों को रोगों से बचाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई दवाओं का छिड़काव करें।
- टूटे हुए मचान और बेलों की मरम्मत कर उन्हें सहारा दें।
- तकनीकी मदद के लिए कृषि एवं उद्यान विभाग के निरंतर संपर्क में रहें।