'हां मैंने मार दिया गलती हो गई...', शवों के पास बैठा रहा हत्यारा पिता; जमशेदपुर ट्रिपल मर्डर की Inside Story
जमशेदपुर के एग्रिको इलाके में एक सेवानिवृत्त टाटा स्टील कर्मचारी रविंद्र कुमार सिंह ने घरेलू विवाद के बाद अपनी पत्नी, बेटे और गर्भवती बेटी की कुल्हाड़ ...और पढ़ें

हत्यारोपी के परिवार का फाइल फोटो।
HighLights
सेवानिवृत्त पिता ने पत्नी, बेटे, गर्भवती बेटी की हत्या की।
घरेलू विवाद के बाद कुल्हाड़ी-हथौड़े से नृशंस वारदात।
हत्या के बाद खुदकुशी का प्रयास, फिर पुलिस को सूचना।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर का एग्रिको इलाका सोमवार की सुबह एक ऐसी सनसनीखेज वारदात का गवाह बना, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के क्वार्टर नंबर एल-13 में एक सेवानिवृत्त टाटा स्टील कर्मचारी रविंद्र कुमार सिंह ने घरेलू विवाद के बाद अपनी पत्नी, जवान बेटे और गर्भवती बेटी की कुल्हाड़ी व हथौड़े से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी।
सुबह 6 बजे शुरू हुआ 'मौत का तांडव'
रोंगटे खड़े कर देने वाली बात यह है कि तीनों का कत्ल करने के बाद हत्यारा घंटों लाशों के पास ही बैठा रहा। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि घटना सोमवार सुबह करीब 6 बजे की है।
उस समय आरोपी की पत्नी सरिता सिंह (55 वर्ष) किचन में नाश्ता बनाने की तैयारी कर रही थीं। तभी पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि रविंद्र सिंह अपना आपा खो बैठा। उसने पास रखी कुल्हाड़ी उठाई और पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सरिता सिंह को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सोते हुए बच्चों को भी नहीं बख्शा
पत्नी की जान लेने के बाद आरोपी का खून सवार था। वह हाथ में खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर अपनी बेटी सुप्रिया सिंह (31 वर्ष) के कमरे में दाखिल हुआ।
सुप्रिया उस वक्त सो रही थी। हैवान बने पिता ने उस पर भी प्रहार कर उसे मौत की नींद सुला दिया। इसके बाद आरोपी अपने बेटे रविशेक सिंह (29 वर्ष) के पास पहुंचा और उसे भी मौत के घाट उतार दिया।
मायके आई थी गर्भवती बेटी, बुझ गया कोख का चिराग
इस हत्याकांड का सबसे हृदयविदारक पहलू यह है कि बेटी सुप्रिया तीन माह की गर्भवती थी। उसकी शादी पिछले साल 25 नवंबर को मोहरदा में हुई थी।
वह रविवार को ही अपने माता-पिता के घर आराम करने के लिए आई थी। मृतका के पति ने बताया कि रात में ही उनकी बात हुई थी और सब कुछ सामान्य था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि जिस घर में वह खुशियां बांटने आई थी, वही उसकी कब्रगाह बन जाएगा।
हत्या के बाद खुद को जलाने का प्रयास और आत्मसमर्पण
वारदात को अंजाम देने के बाद रविंद्र सिंह ने खुदकुशी की भी कोशिश की। उसने घर के पर्दों में आग लगा दी और किचन की गैस खोल दी थी। वह जलते हुए पर्दों के पास ही बैठा रहा, लेकिन सफल नहीं हो पाया।
इसके बाद उसने खुद ही 100 डायल'कर पुलिस को इस सामूहिक हत्याकांड की सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर का नजारा देखकर अधिकारियों के भी पांव तले जमीन खिसक गई।
रिटायरमेंट के बाद का तनाव बना वजह?
स्थानीय लोगों के अनुसार, रविंद्र सिंह इसी साल फरवरी में टाटा स्टील से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के बाद से ही घर में अक्सर कलह होने की खबरें सामने आ रही थीं। हालांकि, आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए बस इतना कहा, "हाँ, मैंने हत्या की है, गलती हो गई।"
घटना की सूचना मिलते ही जमशेदपुर के एएसपी, सिदगोड़ा और सीतारामडेरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम (FSL) ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने कुल्हाड़ी और हथौड़े को अपने कब्जे में ले लिया है।
क्षेत्र की विधायक पूर्णिमा दास भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने इस विभत्स घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के लिए कोई स्थान नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही जमशेदपुर के एएसपी, सिदगोड़ा और सीतारामडेरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम (FSL) ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने कुल्हाड़ी और हथौड़े को अपने कब्जे में ले लिया है।
क्षेत्र की विधायक पूर्णिमा दास भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने इस विभत्स घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। समाज में ऐसे जघन्य अपराधों के लिए कोई स्थान नहीं है।
रविंद्र सिंह के कुल चार बच्चे हैं। एक बेटी दिल्ली में नौकरी करती है और एक बेटा रायपुर में कार्यरत है। सूचना मिलते ही दोनों जमशेदपुर के लिए रवाना हो गए हैं। इस तिहरे हत्याकांड ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे एग्रिको क्षेत्र को दहशत में डाल दिया है।