जमशेदपुर दहला: हिमांशु की मौत पर बिष्टुपुर में हिंसा; पुलिस गाड़ियों पर पथराव, एसपी की कार का शीशा तोड़ा
जमशेदपुर में डबल डाउन पब के बाहर हुए हमले में घायल करणी सेना युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह की टाटा मुख्य अस्पताल में मौत हो गई। उनकी मौत के ब ...और पढ़ें

जमशेदपुर प्रदर्शनकारियों ने सिटी एसपी की कार का शीशा तोड़ डाला।
HighLights
डबल डाउन पब हमले में घायल हिमांशु सिंह की मौत।
करणी सेना कार्यकर्ताओं ने बिष्टुपुर में किया सड़क जाम, प्रदर्शन।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों पर पथराव किया, एसपी की कार टूटी।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन (डीडी) पब एंड बार के बाहर शनिवार रात हुई चापड़बाजी की घटना ने सोमवार को तनावपूर्ण मोड़ ले लिया।
इस हमले में गंभीर रूप से घायल सरायकेला-खरसावां जिले के करणी सेना युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह की सोमवार शाम टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में इलाज के दौरान मौत हो गई। जैसे ही हिमांशु की मौत की खबर फैली, पूरे जमशेदपुर शहर में तनाव का माहौल हो गया।
करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ता, क्षत्रिय संघ के सदस्य, समर्थक और मृतक के परिजन भारी संख्या में टीएमएच पहुंच गए। अस्पताल परिसर में देर शाम तक जबरदस्त भीड़ जुटी रही।
हिमांशु सिंह की मौत की सूचना मिलते ही करनी सेना के कार्यकर्ता, समर्थक और बड़ी संख्या में परिजन टीएमएच पहुंच गए। हिमांशु की मौत से नाराज करनी सेना के कार्यकर्ताओं और परिजनों ने देर रात बिष्टुपुर स्थित रीगल गोलचक्कर पर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
रीगल गोलचक्कर पर टायर जलाकर सड़क जाम
हिमांशु सिंह की मौत से आक्रोशित करणी सेना के कार्यकर्ताओं और परिजनों ने देर रात बिष्टुपुर थाना से महज कुछ ही दूरी पर स्थित रीगल गोलचक्कर को चारों तरफ से घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर टायर जलाकर मुख्य मार्ग को यातयात व्यवस्था ध्वस्त कर दिया।
प्रदर्शनकारियों की मांगें:
- हत्याकांड के सभी नामजद आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी हो।
- दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
- वारदात के वक्त मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो।
प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ ने जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान माहौल इतना बेकाबू हो गया कि कुछ प्रदर्शनकारी जबरन बिष्टुपुर थाना परिसर के भीतर घुस गए।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को खदेड़कर बाहर निकाला और थाने के मुख्य गेट को बंद कर दिया। इस दाैरान स्थिति अनियंत्रित हो गई।
सिटी एसपी की गाड़ी पर पर पथराव
तनाव चरम पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे सिटी एसपी को घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच, उग्र भीड़ में से एक प्रदर्शनकारी ने आक्रोश में आकर सिटी एसपी का कांच तोड़ डाला।
माहौल को अत्यधिक हिंसक और अपने खिलाफ होते देख सिटी एसपी अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गए। सिटी एसपी को पीछे हटता देख भीड़ का हौसला और बढ़ गया।
उग्र प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद दो अन्य पुलिस वाहनों को निशाना बनाते हुए उन पर ताबड़तोड़ पथराव कर दिया। पत्थरों की बौछार से दोनों पुलिस गाड़ियों के शीशे पूरी तरह टूट गए।
मामले को बिगड़ता देख वहां मौजूद कुछ वरिष्ठ स्थानीय राजनेताओं ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने तुरंत फोन कर सिटी एसपी को दोबारा घटनास्थल पर बुलाया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल और पुलिस अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर शुरू हो सका।
जमशेदपुर में लगा भयंकर जाम, चप्पे-चप्पे पर फोर्स
रीगल गोलचक्कर पर हुए इस उग्र प्रदर्शन और आगजनी के कारण लौहनगरी की पूरी यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। बिष्टुपुर और साकची को जोड़ने वाली सड़कों पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
रात के समय राहगीरों, एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। लोग गंतव्य तक पहुंचने के लिए तंग और वैकल्पिक मार्गों की तलाश में भटकते नजर आए।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सीसीआर डीएसपी (CCR DSP) समेत जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हुए हैं।
किसी भी संभावित अप्रिय घटना से निपटने के लिए टीएमएच अस्पताल परिसर और पूरे बिष्टुपुर बाजार क्षेत्र में भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और घटना के सभी पहलुओं पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




