सरायकेला में अवैध खनन पर विभाग का बड़ा शिकंजा, चांडिल क्षेत्र से बालू और गिट्टी लदे पांच वाहन जब्त
चांडिल के गौरी-पुड़ीसिली क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी से हो रहे अवैध बालू खनन और परिवहन पर खनन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

कांदरबेड़ा-डोबो मार्ग पर छापेमारी कर बालू ले जा रहे पांच वाहनों को जब्त कर लिया।
संसू, कपाली (चांडिल)। चांडिल प्रखंड के गौरी-पुड़ीसिली क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी से धड़ल्ले से हो रहे अवैध बालू खनन और परिचालन पर खनन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
दैनिक जागरण में मंगलवार को अवैध बालू कारोबार की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के महज कुछ ही घंटों बाद प्रशासन हरकत में आया और कांदरबेड़ा-डोबो मार्ग पर छापेमारी कर पांच वाहनों को जब्त कर लिया।
डोबो-कांदरबेड़ा मार्ग पर DMO की छापेमारी
इस त्वरित कार्रवाई से अवैध खनन व परिवहन में लिप्त माफियाओं में हड़कंप मच गया है। जिला खनन पदाधिकारी (DMO) ज्योति शंकर सतपथी ने मंगलवार सुबह कांदरबेड़ा-डोबो मुख्य मार्ग पर औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान खनिज लदे पांच वाहनों को रोककर चालकों से परिवहन से संबंधित चालान व वैध कागजातों की मांग की गई। जांच के दौरान चालक बालू और गिट्टी के परिवहन का कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद खनन विभाग ने मौके पर ही सभी पांचों वाहनों को जब्त कर लिया। इनमें से तीन वाहनों में अवैध बालू और दो वाहनों में गिट्टी लदी हुई थी।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
गौरतलब है कि दैनिक जागरण ने मंगलवार के अंक में गौरी-पुड़ीसिली क्षेत्र से स्वर्णरेखा नदी का सीना चीरकर किए जा रहे अवैध बालू उत्खनन का मामला प्रमुखता से उजागर किया था।
खबर में बताया गया था कि किस तरह नियमों की अनदेखी कर बालू का अवैध व्यापार बेखौफ जारी है। खबर का सीधा असर मंगलवार सुबह ही देखने को मिला, जब विभाग ने तुरंत टीम भेजकर कार्रवाई की।
एक साथ पांच वाहनों की जब्ती से यह साफ हो गया है कि क्षेत्र में खनिजों के अवैध परिवहन पर नकेल कसने के लिए विभाग अब मुस्तैद है।
पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई का इंतजार
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्वर्णरेखा नदी तटीय इलाकों में लंबे समय से बालू का अवैध खनन और रातों-रात उठाव चल रहा था।
ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह मांग भी उठाई है कि विभाग की यह सख्ती केवल चालकों और वाहनों तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध खनन के पीछे सक्रिय मुख्य सिंडिकेट और माफियाओं पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
