यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: CAG रिपोर्ट पर छिड़ा घमासान, स्वास्थ्य मंत्री पर भड़के विधायक सरयू राय; CM से कर दी ये बड़ी मांग
झारखंड में स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सीएजी की रिपोर्ट सामने आई है जिसमें प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने ...और पढ़ें

HighLights
- झारखंड में स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सीएजी की रिपोर्ट
- सरकारी अस्पतालों में दवाओं का अभाव, मरीज भटकने को मजबूर
- स्वास्थ्य मंत्री ने किया बचाव तो भड़के जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सीएजी की रिपोर्ट ने एक बड़ा खुलासा किया है, जिसमें दवाओं की भारी कमी, कोविड फंड के दुरुपयोग, मातृत्व लाभ योजना में गड़बड़ी, आयुष्मान भारत योजना में धांधली और निजी अस्पतालों की मनमानी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
विधायक सरयू राय ने मामला कोर्ट ले जाने की दी चेतावनी
हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी द्वारा इन आरोपों का बचाव किए जाने से जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने तीव्र असंतोष व्यक्त किया है।
सरयू ने मंत्री के रुख को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मामला न्यायालय ले जाया जाएगा और चारा घोटाले की तरह सीबीआइ जांच की मांग की जाएगी।
मंत्री के बचाव पर सरयू राय का प्रहार
- सरयू राय ने एक बयान जारी कर स्वास्थ्य मंत्री पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से स्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार के दलदल में धंसता जा रहा है।
- सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं का अकाल सा पड़ा हुआ है। मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
कोविड-19 प्रबंधन में गड़बड़ी
कोविड-19 प्रबंधन के लिए केंद्र द्वारा जारी किए गए 756.42 करोड़ रुपये में से मात्र 137 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए, जिससे आरटीपीसीआर लैब, ऑक्सीजन प्लांट और अस्पतालों की बुनियादी सुविधाएं अधूरी रह गईं।
मातृत्व लाभ योजना में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है, बोकारो और धनबाद जैसे जिलों में एक ही महिला को चार माह के भीतर दो बार लाभ दिया गया।
आयुष्मान भारत योजना पर सवाल
आयुष्मान भारत योजना को भी इस तरह से लागू किया गया कि सिर्फ बड़े और कॉर्पोरेट अस्पतालों को ही फायदा हुआ, जबकि ग्रामीण इलाकों के अस्पताल इससे वंचित रह गए। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की इस बदहाली के बीच निजी अस्पतालों की चांदी हो रही है और आम जनता मजबूरन महंगे इलाज का बोझ उठाने को विवश है।
मंत्री पर लगाया पर्दा डालने का आरोप
सरयू ने आरोप लगाया कि मंत्री इन सभी गंभीर अनियमितताओं पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और मंत्री इस भ्रष्टाचार को अनदेखा करेंगे तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और सीबीआइ जांच की मांग करेंगे।
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ठीक उसी तरह जैसे चारा घोटाले में सीएजी रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय के हस्तक्षेप से सीबीआई जांच हुई थी।
सरयू राय ने कहा कि दवा खरीद में अनियमितता, ऊंची कीमतों पर घटिया दवाओं की खरीदारी, और कोविड फंड के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोपों की जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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