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    चाकुलिया में सड़क पर अचानक सामने आया गजराज; बाइक छोड़ भागे व्यवसायी को हाथी ने दौड़ाकर पटका

    Updated: Mon, 25 May 2026 11:48 PM (GMT+05:30)

    चाकुलिया में एक जंगली हाथी ने सब्जी विक्रेता नीलकंठ नायक को सड़क पर पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। विधायक समीर मोहंती ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, ...और पढ़ें

    प्रतीाकात्‍मक तस्‍वीर।

    प्रतीाकात्‍मक तस्‍वीर।

    HighLights

    1. जंगली हाथी ने सब्जी विक्रेता को सड़क पर पटका।

    2. विधायक समीर मोहंती ने घायल को अस्पताल पहुंचाया।

    3. झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष की गंभीर स्थिति।

    संसू, चाकुलिया। चाकुलिया वन क्षेत्र के अंतर्गत बड़ामारा गांव के पास सोमवार की रात एक जंगली हाथी ने सड़क से गुजर रहे एक सब्जी विक्रेता को उठाकर पटक दिया। हाथी के इस जानलेवा हमले में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बहरागोड़ा प्रखंड के गुहियापाल गांव निवासी सब्जी विक्रेता नीलकंठ नायक अपनी बाइक से चाकुलिया प्रखंड के जोड़ाम हाट से व्यापार कर वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बड़ामारा जंगल के पास मुख्य सड़क के किनारे अचानक एक विशालकाय हाथी आ गया। 
     
    हाथी को देखकर नीलकंठ डर गए और अपनी बाइक खड़ी कर जान बचाने के लिए भागने लगे। लेकिन हाथी ने उन्हें दौड़ाया और अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया।
     

    विधायक ने अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल 

    घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना क्षेत्र के विधायक समीर मोहंती को दी। सूचना मिलते ही विधायक बिना समय गंवाए खुद मौके पर पहुंचे। 
     
    उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए घायल नीलकंठ नायक को तुरंत अपने निजी वाहन में बिठाया और इलाज के लिए चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। सीएचसी में मौजूद डॉ. आरएन. शर्मा ने घायल का प्राथमिक उपचार किया। 
     
    हालांकि, सिर और आंतरिक अंगों में गंभीर चोटों को देखते हुए बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए उन्हें पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
     

    झारखंड में 'मानव-हाथी द्वंद्व' की भयावह स्थिति 

    झारखंड के जंगलों और ग्रामीण इलाकों में हाथियों का उत्पात और मानव-हाथी संघर्ष एक गंभीर समस्या बन चुका है। वन विभाग और वन्यजीव संगठनों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष की स्थिति इस प्रकार है:
    • एक वर्ष में कुल मौतें: झारखंड में पिछले एक साल में हाथियों के हमले के कारण कुल 85 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। 
    • सबसे प्रभावित क्षेत्र: कोल्हान (पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम) और ग्रामीण इलाकों में हाथियों के दलदली और शर्मीले व्यवहार के कारण सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं।
    • मुआवजा राशि: वन विभाग द्वारा हाथी के हमले में जान गंवाने वाले पीड़ित परिवार को ₹4 लाख का मुआवजा और घायलों के मुफ्त इलाज का प्रावधान है।

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