मौसम का डबल अटैक: ईचागढ़ में भारी बारिश के बीच बिजली गुल; समय बीतने के बाद भी धान की बुआई रुकी
ईचागढ़ में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे बिजली गुल हो गई और धान की बुआई रुक गई है। ...और पढ़ें

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में मानसून के आगाज के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
HighLights
ईचागढ़ में भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
लगातार बारिश और आंधी से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप।
धान की बुआई रुकी, किसानों को फसल उत्पादन की चिंता।
सड़कों पर रेंगते वाहन, घरों में दुबके लोग
दिन में ही रात जैसा नजारा होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। चालकों को दिन के उजाले में भी हेडलाइट जलाकर आवाजाही करनी पड़ी।
लगातार और रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश की वजह से लोग अपने घरों में ही दुबके रहने को मजबूर हैं, जिससे रोजमर्रा के बाजार और काम-धंधे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
किसानों की बढ़ी चिंता; बुआई और रोपाई ठप
इस भारी बारिश ने सबसे ज्यादा मार कृषि क्षेत्र पर डाली है। खेतों में अत्यधिक पानी भर जाने के कारण धान का बीज बोने का काम पूरी तरह ठप हो गया है। स्थानीय किसानों की चिंताएं निम्नलिखित वजहों से बढ़ गई हैं:
- बीज डालने का समय पार: किसानों का कहना है कि इस वर्ष खेतों में धान का बीज (बिचड़ा) डालने का सही समय हाथ से निकलता जा रहा है।
- रोपाई में होगी देरी: समय पर बीज नहीं डलने के कारण आगे धान की रोपाई भी पिछड़ जाएगी, जिससे फसल के उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है।