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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Rains: खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर, स्वर्णरेखा में भी लगातार बढ़ रहा जलस्तर; बाढ़ का खतरा

    By Birendra Kumar OJhaEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Sat, 19 Aug 2023 05:30 AM (IST)

    खरकई नदी का जलस्तर 129.46 मीटर था जबकि खतरे का निशान 129 मीटर है। जिला प्रशासन ने लोगों से कहा है कि नदी किनारे नहीं जाएं। इससे जान-माल का नुकसान हो स ...और पढ़ें

    खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर, स्वर्णरेखा में भी लगातार बढ़ रहा जलस्तर (file photo)
    खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर, स्वर्णरेखा में भी लगातार बढ़ रहा जलस्तर (file photo)

    HighLights

    1. ओडिशा के बैंक्वेल व खरकई डैम के एक-एक गेट खोले गए
    2. चांडिल डैम से भी 500 घन मीटर पानी छोड़ा गया

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में तीन दिन से लगातार हो रही वर्षा के कारण शहर में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खरकई व स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शाम चार बजे ही खरकई नदी बिष्टुपुर स्थित पुल के पास खतरे के निशान से 0.46 मीटर ऊपर बह रही थी, वहीं स्वर्णरेखा के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

    जिला प्रशासन ने दोनों नदियों के तटीय व डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों से सतर्क व सुरक्षित रहने की अपील कर रहा है। शुक्रवार शाम को चार बजे तक जिला प्रशासन द्वारा जारी सूचना के मुताबिक स्वर्णरेखा नदी का मानगो पुल के पास जलस्तर 119.20 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 121.50 मीटर है।

    प्रशासन ने जारी किया दिशा निर्देश

    वहीं बिष्टुपुर में खरकई नदी का जलस्तर 129.46 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 129 मीटर है।  जिला प्रशासन ने लोगों से कहा है कि नदी किनारे नहीं जाएं। इससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से अनुपालन करें।

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    ज्ञात हो कि इससे पहले बुधवार को देर रात तक हुई वर्षा से जुगसलाई नया बस्ती के कई घरों में पानी घुस गया था। सुबोध झा ने इसके बाद जिला प्रशासन से लोगों को बचाने का आग्रह किया। अनुमंडल अधिकारी धालभूम पीयूष सिन्हा के निर्देश पर स्लुइस गेट खोला गया, तो बस्ती का पानी खरकई नदी में निकल गया था।

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