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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड-बिहार के मुख्य डाकघरों में सेवाकर की गड़बड़ी

By JagranEdited By:
Updated: Wed, 10 May 2017 02:46 AM (IST)

सुधीर पांडेय, जमशेदपुर : झारखंड-बिहार के 45 मुख्य डाकघरों ने मिलकर भारत सरकार को सेव

झारखंड-बिहार के मुख्य डाकघरों में सेवाकर की गड़बड़ी
झारखंड-बिहार के मुख्य डाकघरों में सेवाकर की गड़बड़ी

झारखंड के मुख्य डाकघरों (एचपीओ) की सूची

जमशेदपुर, चाईबासा, रांची, डोरंडा, गुमला, बोकारो स्टील सिटी, दुमका, देवघर, गिरीडीह, डाल्टनगंज, हजारीबाग, रामगढ़ कैंट

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सुधीर पांडेय, जमशेदपुर : झारखंड-बिहार के 45 मुख्य डाकघरों ने मिलकर भारत सरकार को सेवाकर के मद में करीब 29 करोड़ रूपये का चूना लगाया है। मामला प्रकाश में आने पर जमशेदपुर स्थित डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस (डीजीसीईआइ) ने सभी 45 मुख्य डाकघरों को समन जारी करते हुए सेवाकर का भुगतान करने का निर्देश दिया है। कार्रवाई की जद में बिहार के 32 और झारखंड के 13 हेड पोस्ट ऑफिस आए हैं। डीजीसीईआइ सूत्रों ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहार और झारखंड पोस्टल सर्किल में सेवाकर की गड़बड़ी हुई है। डाकघर उपभोक्ता से तो सेवाकर ले रहे हैं मगर सरकार के पास इसे जमा नहीं कर रहे हैं। इसके बाद अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने बिहार व झारखंड के मुख्य डाकघरों में जाकर पूछताछ की तो मामला सही पाया गया। अब सेवाकर वसूलने के लिए दोनों राज्यों के कुल 45 मुख्य डाकघरों को समन जारी किया है। डीजीसीईआइ अधिकारियों के अनुसार बिहार के 32 मुख्य डाकघरों में 19 करोड़ और झारखंड के 13 मुख्य डाकघरों में10 करोड़ रुपये के सेवाकर की गड़बड़ी मिली है।

सर्विस टैक्स काटकर खुद रख ले रहे डाकघर

मुख्य डाकघर बैंकिंग गतिविधियों, स्पीड पोस्ट, एक्सप्रेस पार्सल सर्विसेज, अप्लीकेशन फार्म की बिक्री, सोने के सिक्के की बिक्री, टेलीफोन रेवेन्यू कलेक्शन और पोस्ट लाइफ इंश्योरेंस की सेवा प्रदान करते हैं। इसके एवज में उपभोक्ता से सर्विस टैक्स लेते हैं मगर इसे सरकार के खाते में जमा नहीं कर रहे हैं। पड़ताल के दौरान डाकघर अधिकारियों ने अपनी गलती स्वीकारी है।