यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lifestyle : व्यवहार में अचानक बदलाव से हो सकता है नर्वस ब्रेकडाउन, जानिए इसके लक्षण व उपाय
Nervous Breakdown आधुनिकता की अंधी दौड़ में हम सब तनाव में है। कभी ऑफिस का वर्कलोड को लेकर तो कभी बिजनेस को लेकर। ऐसे में हमारे व्यवहार में बदलाव होन ...और पढ़ें

जमशेदपुर : आपने देखा होगा कि कई लोगों के व्यवहार अचानक से बदल जाते हैं। क्या आपने कभी सोचा है, ऐसा क्यों होता है। शायद नहीं। लेकिन आइए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं, जिसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे। दरअसल, यह एक बीमारी है, जिसका नाम नर्वस ब्रेकडाउन है। चिंता का विषय यह है कि इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं।
आपको बता दें कि यह एक गंभीर समस्या हो गई है। तनावभरी जीवनशैली और कामकाज के प्रेशर की वजह से नर्वस ब्रेकडाउन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैँ। इसमें आपके व्यवहार अचानक से बदल जाते हैं। नर्वस ब्रेकडाउन एक ऐसी समस्या है जिसमें मरीज का मानसिक संतुलन गड़बड़ हो जाता है। इसकी वजह से आपके व्यवहार में बदलाव देखने को मिलता है।

नर्वस ब्रेकडाउन के लक्षण
- मूड या व्यवहार में बदलाव या मूड स्विंग।
- अवसाद की समस्या की गंभीर स्थिति।
- मन में गलत विचार आना।
- बहुत ज्यादा थकान और तनाव।
- रात में नींद न आना।
- दिमाग में कुछ भी चलते रहना।
- किसी भी काम में मन नहीं लगना।
- पैनिक अटैक।
- अकेले होने पर होना।
- घबराहट और बेचैनी का बढ़ना।
- एकाग्रता की कमी।
नर्वस ब्रेकडाउन के कारण
तेजी से बढ़ रहे ब्रेकडाउन के कारण को जानना हर किसी के लिए जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है तो उसमें इस तरह के मामले देखने को मिलता है। वैसे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है।
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चिकित्सकों का कहना है कि लंबे समय तक तनाव रहने से व्यक्ति में एक्यूट स्ट्रेस डिसआर्डर की स्थिति बन जाती है और इसकी वजह से इंसान गंभीर समस्या की चपेट में आ जाता है। मुख्यत: नर्वस ब्रेकडाउन की समस्या किसी अपने के खोने की वजह से पहुंचे आघात, आर्थिक समस्या, परीक्षा में फेल होने पर या किसी बीमारी की वजह से हो सकती है।
नर्वस ब्रेकडाउन की समस्या से बचाव और इलाज
नर्वस ब्रेकडाउन की समस्या कोई गंभीर बीमारी नहीं है। इससे आप अपना बचाव कर सकते हैं। जब लोगों पर तनाव हावी हो जाता है तो इस तरह की परेशानी होने लगती है। ऐसे में आपको तनाव नहीं लेना है। काम-काज का तनाव कभी भी नहीं लें।
इससे कई तरह की बीमारियां बढ़ने लगती है और नतीजा होता कि अंत में आप बीमार हो जाते हैं। नर्वस ब्रेकडाउन के लक्षण दिखने पर मनोचिकित्सक से संपर्क करने चाहिए। इसके साथ ही भागदौड़ कि जिंदगी में लोगों को अपना डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है।