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    टाटा स्टील-टीसीएस-इंफोसिस और रिलायंस सहित अन्य कंपनियों की मूडीज से मिली बड़ी रेटिंग, बाजार में क्या होगा असर

    By Nirmal PrasadEdited By: Shashank Baranwal
    Updated: Sat, 30 May 2026 02:19 PM (GMT+05:30)

    मूडीज ने अपनी संप्रभु रेटिंग कार्यप्रणाली में बदलाव के बाद टाटा स्टील, टीसीएस, इंफोसिस और रिलायंस सहित चार भारतीय कंपनियों की रेटिंग बढ़ाई है। ...और पढ़ें

    मूडीज ने बढ़ाई भारतीय कंपनियों की रेटिंग

    मूडीज ने बढ़ाई भारतीय कंपनियों की रेटिंग

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    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। वैश्विक रेटिंग एजेंसी, मूडीज ने अपनी संप्रभु रेटिंग से जुड़ी कार्यप्रणाली में बदलाव के बाद भारत की चार प्रमुख कंपनियों की रेटिंग में सुधार किया है।

    एजेंसी ने कहा है कि नई पद्धति के तहत मजबूत वैश्विक उपस्थिति, विविध कारोबार और बेहतर वित्तीय स्थिति वाली कंपनियों को देश भी संप्रभु रेटिंग से अधिक रेटिंग दी जा सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक एजेंसी द्वारा कंपनियों की रेटिंग में सुधार किए जाने से सभी कंपनियों को लाभ मिलेगा और शेयर बाजार में उनकी स्थिति और मजबूत होगी।

    टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की रैकिंग में सुधार

    मूडीज ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की दीर्घकालिक स्थानीय मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग बा-1 (बीएए) से बढ़कार ए-2 की है। इसी तरह से इंफोसिस लिमिटेड की रेटिंग भी बा-1 (बीएए) से बढ़ाकर ए-2 कर दी गई है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) की दीर्घकालिक स्थानीय मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग और विदेशी मुद्रा सीनियर अनसिक्योर्ड रेटिंग बी-2 (बीएए) से बढ़ाकर बी-1 कर दी है।

    टाटा स्टील की बढ़ी रेटिंग

    मूडीज ने टाटा स्टील लिमिटेड (टीएसएल) की दीर्घकालिक विदेशी मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग को बी-3 (बीएए) से बढ़ाकर बी-2 कर दी है। वहीं, मूडीज ने सभी रेटिंग्स पर स्थिर (स्टेबल) आउटलुक काे बरकरार रखा है।

    इस विषय पर टाटा स्टील प्रबंधन का कहना है कि हमारी रेटिंग में एक पायदान की बढ़ोतरी हुई है जो तनावपूर्ण वैश्विक स्थिति में इसकी मूल कंपनी, टाटा संस में असाधारण समर्थन की अपेक्षा को दर्शाती है। यह टाटा स्टील को समर्थन देने की टाटा संस की क्षमता और इच्छा के हमारे आकलन पर आधारित है।

    यह हमारी संशोधित क्रास-सेक्टर पद्धति के अनुरूप है, जो वित्तीय रूप से मजबूत घरेलू मूल कंपनी से क्रेडिट संवर्धन को शामिल करने के बाद संस्थाओं को संप्रभु से ऊपर रेट किए जाने की अनुमति देती है।

    टाटा स्टील को टाटा संस और व्यापक टाटा समूह के साथ अपने घनिष्ठ संबंध से लगातार लाभ मिल रहा है, जिसमें टाटा ब्रांड की मजबूती भी शामिल है, जो इसे वित्तपोषण और ऋणदाताओं और निवेशकों के साथ संबंधों तक पहुंच प्रदान करती है।

    टीसीएस और इंफोसिस जैसी कंपनियों को मिलेगा को विशेष लाभ

    मूडीज़ के अनुसार टीसीएस और इंफोसिस दोनों ही वैश्विक स्तर पर अत्यंत विविधीकृत आइटी सेवा कंपनियां हैं। इनके राजस्व स्रोत कई देशों और उद्योगों में फैले हुए हैं। दोनों कंपनियों के पास मजबूत नकदी स्थिति, कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट, लगातार लाभप्रदता और मजबूत फ्री कैश फ्लो है। यही कारण है कि नई कार्यप्रणाली के तहत इन्हें भारत की संप्रभु रेटिंग से कई स्तर ऊपर रेट किया गया है।

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    एजेंसी ने कहा कि यदि संप्रभु रेटिंग की सीमा लागू न हो, तो टीसीएस और इंफोसिस की आंतरिक क्रेडिट क्षमता वर्तमान ए-2 रेटिंग से भी अधिक मजबूत मानी जा सकती है।

    क्या है रेटिंग अपग्रेड का मतलब

    क्रेडिट रेटिंग किसी कंपनी की ऋण चुकाने की क्षमता और उसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाती है। रेटिंग बढ़ने से कंपनियों के लिए वैश्विक बाजारों में कम लागत पर पूंजी जुटाना आसान हो जाता है और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता है। निवेशक इन कंपनियों में निवेश करने के लिए भरोसा कर सकते हैं।