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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand: मुख्‍तार गैंग का शूटर अनुज कन्‍नौजिया एनकाउंटर में ढेर, पुलिस ने रखा था ढाई लाख का इनाम

    Updated: Sun, 30 Mar 2025 01:40 AM (IST)

    जमशेदपुर के गोविंदपुर में रहने वाले मुख्तार अंसारी गैंग का कुख्यात शूटर अनुज कन्नौजिया पुलिस मुठभेड़ में शनिवार की रात मारा गया। गोविंदपुर के भूमिहार ...और पढ़ें

    मुख्‍तार गैंग का शूटर अनुज कन्‍नौजिया एनकाउंटर में ढेर
    मुख्‍तार गैंग का शूटर अनुज कन्‍नौजिया एनकाउंटर में ढेर

    HighLights

    1. दो माह से गोविंदपुर के अमलताश सिटी में छुपा था यूपी का मोस्ट वांटेड
    2. पुलिस और अपराधी की ओर के बीच चली 70 राउंड गोलियां चली, 23 से अधिक मामले थे दर्ज
    3. यूपी एसटीएफ के अधिकारी को भी मुठभेड़ में लगी गोली

     जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर के गोविंदपुर में रहने वाले मुख्तार अंसारी गैंग का कुख्यात शूटर अनुज कन्नौजिया पुलिस मुठभेड़ में शनिवार की रात मारा गया।

    मुठभेड़ में अनुज कन्नौजिया को पुलिस ने मार गिराया

    गोविंदपुर के भूमिहार सदन के पास उत्तर प्रदेश एसटीएफ (गोरखपुर यूनिट) और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने कुख्यात शूटर को घेर लिया। इसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। मुठभेड़ में अनुज कन्नौजिया को पुलिस ने मार गिराया।

    अनुज पर 2.5 लाख रुपए का इनाम था और पुलिस को कई संगीन मामलों में उसकी तलाश थी। पुलिस ने मौके से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। इसकी जानकारी यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश ने दी।

    अनुज पर 23 से अधिक मुकदमे दर्ज थे

    अनुज पर 23 से अधिक मुकदमे दर्ज थे, वह लंबे समय से फरार चल रहा था। यूपी पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। आखिरकार शुक्रवार की रात को अनुज को ढूंढने में पुलिस को कामयाबी मिली, लेकिन मुठभेड़ होने के कारण वह मारा गया।

    एसटीएफ के सीओ डीके शाही भी गोली लगने से घायल

    झारखंड पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में एसटीएफ के सीओ डीके शाही भी गोली लगने से घायल हुए हैं। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अनुज पर गाजीपुर, मऊ व अन्य जिलों में कई मुकदमे दर्ज थे। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिसे बीते दिनों डीजीपी ने ढाई लाख रुपये कर दिया था।

    दोनों तरफ से चली गोलियां

    शनिवार रात पुलिस उसके ठिकाने पर पहुंची। चारों ओर से पुलिस ने घेराबंदी कर रखा था जैसे ही पुलिस ने अपराधी के ठिकाने पर दस्तक दी। अपराधी ने अंदर से गोलियां चला दी। गोली एसटीएफ के एक अधिकारी को लगी जवाब में एसटीएफ की ओर से भी गोलियां दागी गई। दोनों ओर से 60 से 70 राउंड गोलियां चली।

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    लोग कर रहे चर्चा

    घटना में अपराधी मारा गया। इससे पहले गोलियों की आवाज से सुनकर अमलताश सिटी और आसपास के लोगों में दहशत हो गया कि आखिर हो क्या रहा है। बाद में अपराधी के मारे जाने की सूचना के बाद लोग आपस में चर्चा करते रहे कि वांटेड अपराधी इतने दिन से छुपा हुआ था किसी को इसकी भनक नहीं लगी।

    दो दिन पहले ही अनुज पर इनामी राशि एक लाख से ढाई लाख की गई थी

    माफिया मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर अनुज कन्नौजिया कई वर्षों से फरार था। डीजीपी कार्यालय ने बीते गुरुवार को ही उस पर इनाम की राशि एक लाख से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये की थी। अनुज मऊ के चिरैयाकोट के बहलोलपुर गांव का रहने वाला था और उसके खिलाफ मऊ, आजमगढ़ और गाजीपुर जिलों के थानों में गैंग्स्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट आदि धाराओं में 23 मुकदमे दर्ज थे। वह पिछले पांच वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहा था।

    पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ मऊ जिले के कोतवाली थाने में सबसे ज्यादा छह मुकदमे दर्ज थे। इसके अलावा रानीपुर में पांच, दक्षिण टोला में दो और चिरैयाकोट में तीन मुकदमे दर्ज थे। गाजीपुर और आजमगढ़ में भी उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज थे।

    पहले उसके ऊपर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था

    अनुज पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस पहले भी कई प्रयास कर चुकी है। सबसे पहले अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन ने उसके ऊपर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। प्रशासन ने उस पर दबाव बढ़ाने के लिए पिछले दिनों आजमगढ़ स्थित उसके घर को बुलडोजर से गिरा दिया गया था। इसके अलावा, उसके परिवार वालों पर भी गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई और जेल भेज दिया गया।