नीमडीह में 30 घंटे से 'महाजाम': पितकी फाटक पर 12 KM तक वाहनों की लंबी कतारें, परीक्षार्थी और स्कूली बच्चे बेहाल
सरायकेला-खरसावां के नीमडीह स्थित पितकी रेलवे फाटक पर 30 घंटे से लगा 12 किलोमीटर लंबा महाजाम लोगों के लिए बड़ी ...और पढ़ें

पितकी फाटक पर लगा लंबा जाम।
HighLights
पितकी रेलवे फाटक पर 30 घंटे से लगा भीषण महाजाम।
अधूरा ओवरब्रिज और नियमों का उल्लंघन जाम के कारण।
संवाद सहयोगी, नीमडीह। सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत पितकी रेलवे फाटक पर पिछले 30 घंटों से लगा भीषण महाजाम अब लोगों के धैर्य की परीक्षा ले रहा है। सोमवार दोपहर से शुरू हुआ यह जाम मंगलवार तक करीब 12 किलोमीटर तक फैल गया है।
इस जाम में झारखंड सहित कई अन्य राज्यों के हजारों छोटे-बड़े वाहन फंसे हुए हैं, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई है। इस महाजाम का सबसे गंभीर असर शिक्षा पर पड़ा है।
परीक्षार्थियों और बच्चों पर भारी पड़ी लापरवाही
सिंहभूम कॉलेज में स्नातक (Graduation) की परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के सैकड़ों विद्यार्थी समय पर कॉलेज नहीं पहुंच सके। वहीं, स्कूल से लौट रहे बच्चों को 42 डिग्री सेल्सियस की झुलसा देने वाली गर्मी में घंटों भूखे-प्यासे बसों में कैद रहना पड़ा।
जाम के तीन प्रमुख कारण
मालवाहक वाहनों के चालक चिलचिलाती धूप में भोजन और पानी के लिए संघर्ष करते दिखे। क्षेत्र में इस संकटपूर्ण स्थिति के लिए तीन मुख्य कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं:
- ट्रेनों का अधिक दबाव: चांडिल-आद्रा और चांडिल-मुरी रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या अधिक होने से रेलवे फाटक बार-बार बंद होता है।
- नियमों का उल्लंघन: जाम से बचने की होड़ में वाहन चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखकर सड़क के दोनों ओर कई कतारें बना लेना।
- अधूरा ओवरब्रिज (ROB): पितकी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी इस समस्या की मूल वजह है।
पुलिस प्रशासन यातायात सामान्य करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण सफलता नहीं मिल पा रही है।
टोल टैक्स वसूली पर भड़का आक्रोश
आजसू के प्रखंड अध्यक्ष दिगंबर सिंह सरदार ने इस स्थिति के लिए एनएचएआई (NHAI) पर आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पितकी, जामडीह और बंगाल के श्यामनगर में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण अधूरा है, तो लुपुंगडीह टोल प्लाजा पर टोल टैक्स की वसूली किस आधार पर की जा रही है?
उन्होंने इसे जनता के साथ धोखा बताते हुए कहा कि यदि निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं हुआ, तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा। नीमडीह के जामडीह गांव से लेकर चांडिल के भालूकोचा गांव तक वाहनों का हुजूम लगा हुआ है।
दोपहिया वाहनों का निकलना भी अब असंभव हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों ने सरकार से इस 'डेथ ट्रैप' बन चुके फाटक से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई है।
