स्नान के दौरान आसंगी नदी में डूबा बीटेक का छात्र, सुरक्षा इंतजाम न होने से भड़के NIT जमशेदपुर के छात्र
एनआईटी जमशेदपुर का एक बीटेक छात्र आसंगी नदी में नहाते समय डूब गया, जिसके बाद उसके साथी छात्रों ने प्रशासनिक सुस्ती और सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर ...और पढ़ें

मीर तनवीर हसन का फाइल फोटो।
HighLights
छात्रों ने प्रशासनिक सुस्ती और सुरक्षा उपायों की कमी पर विरोध किया।
पिछले छह माह में आसंगी घाट पर डूबने की यह चौथी घटना।
संवाद सहयोगी, आदित्यपुर। आरआईटी थाना क्षेत्र स्थित आसंगी नदी घाट पर रविवार को स्नान के दौरान एनआईटी (NIT) जमशेदपुर के बीटेक चौथे वर्ष के मेटालर्जी विभाग के छात्र मीर तनवीर हसन गहरे पानी में डूबकर लापता हो गए।
समाचार लिखे जाने तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका था। पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
साथियों के सामने हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले का रहने वाला मीर तनवीर हसन अपने दो सहपाठियों जेड आलम और देबु फर्नांडीस के साथ दोपहर करीब ढाई बजे आसंगी नदी घाट पर स्नान करने गया था।
तीनों छात्र एक ही विभाग के थे। स्नान के दौरान तनवीर अचानक गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते डूबने लगा। साथ में मौजूद दोस्तों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
प्रशासनिक सुस्ती पर भड़के एनआईटी छात्र

इसके बाद घटना की सूचना शाम करीब चार बजे आरआईटी थाना पुलिस को दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में एनआईटी के छात्र घटनास्थल पर पहुंचे।
अपने साथी के लापता होने से छात्र काफी दुखी और आक्रोशित हो गए। छात्रों ने एनआईटी मेन बिल्डिंग के समीप गोलचक्कर के पास मुख्य सड़क को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारी छात्रों का गंभीर आरोप है कि सूचना मिलने के करीब दो घंटे बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। आरोप लगाया कि शुरुआती दौर में बचाव कार्य के लिए प्रशासन के पास एक रस्सी तक की व्यवस्था नहीं थी।
छात्रों का कहना है कि यदि समय पर और मुस्तैदी से बचाव अभियान शुरू किया जाता तो छात्र की जान बचाई जा सकती थी। नाराज छात्रों ने एनआईटी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्रों ने मांग की कि एनआईटी परिसर की चारों ओर से पक्की घेराबंदी की जाए, ताकि छात्र असुरक्षित रास्तों से नदी की तरफ न जा सकें। आसंगी नदी घाट के खतरनाक हिस्सों में स्थायी बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
6 महीने में चौथी खौफनाक घटना
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले छह महीनों में आसंगी नदी घाट पर डूबने की यह चौथी घटना है। इससे पहले भी इस घाट पर चार युवकों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए।
घटनास्थल पर आरआईटी थाना प्रभारी रविकांत पराशर पुलिस बल के साथ डटे रहे और छात्रों को समझाने का प्रयास करते रहे। पुलिस का कहना है कि बचाव कार्य प्राथमिकता पर जारी है।