झाड़ग्राम में पीएम मोदी का 'झालमुड़ी डिप्लोमेसी', बिक्रम की छोटी सी दुकान रातों-रात बनी हॉट स्पॉट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झाड़ग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़कर एक झालमुड़ी वाले की दुकान पर रुके। उन्होंने बिक्रम कुमार साव ...और पढ़ें

झाड़ग्राम में कॉलेज चौक पर एक दुकान में झालमुड़ी का लुत्फ उठाते प्रधानमंत्री नरेंद्र
HighLights
पीएम मोदी ने झाड़ग्राम में झालमुड़ी दुकान पर रुककर खरीदी।
दुकानदार बिक्रम साव से बातचीत की, बच्चों को भी खिलाया।
प्रधानमंत्री की सादगी और हाजिरजवाबी ने सबका दिल जीत लिया।
संवाद सहयोगी, झाड़ग्राम। पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अलग और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। जंगल महल के झाड़ग्राम में रविवार को जनसभा संबोधित करने के बाद, पीएम मोदी ने सुरक्षा घेरा और प्रोटोकॉल किनारे रख अपनी कार कॉलेज चौक पर रुकवा दी।
वे सीधे बिक्रम कुमार साव नामक एक छोटे से दुकानदार की झालमुड़ी की दुकान पर जा पहुंचे। प्रधानमंत्री का यह सादगी भरा जनसंपर्क अब सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया है।
भाई, झालमुड़ी खिलाओ: जब अवाक रह गया दुकानदार
हेलीपैड की ओर जाते समय अचानक पीएम मोदी को अपनी दुकान के सामने देख बिक्रम साव चौंक गए। प्रधानमंत्री ने बड़ी सहजता से पूछा- भाई, झालमुड़ी खिलाओ। कितने की है?
इतना ही नहीं, उन्होंने जेब से 10 रुपये निकाले और पैसे देने पर अड़ गए। बिक्रम पैसे नहीं लेना चाहते थे, लेकिन पीएम ने मुस्कराते हुए उन्हें पूरा भुगतान किया।
मैं प्याज खाता हूं, दिमाग नहीं: पीएम का हाजिरजवाबी अंदाज
झालमुड़ी तैयार करते समय जब दुकानदार ने संकोच के साथ पूछा कि क्या वह मुड़ी में प्याज डाल सकता है, तो प्रधानमंत्री ने मजाकिया लहजे में जवाब दिया- हां, मैं प्याज खाता हूं। बस दिमाग नहीं खाता हूं।
पीएम के इस सेंस ऑफ ह्यूमर ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने न केवल खुद झालमुड़ी का लुत्फ उठाया, बल्कि पास खड़े बच्चों को भी अपने हाथों से खिलाई।
परिवार का हाल जाना और पूछा कारोबार का गणित
दुकानदार बिक्रम ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सिर्फ खाना ही नहीं खाया, बल्कि उनके माता-पिता का नाम पूछा और उनकी मासिक आय के बारे में भी जानकारी ली।
बिक्रम की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह सपने जैसा है कि देश का प्रधानमंत्री मेरी दुकान पर आकर मुड़ी मांग रहा है।
जैसे ही प्रधानमंत्री का काफिला वहां से निकला, बिक्रम की दुकान पर लोगों और मीडिया का तांता लग गया। जो दुकान कल तक गुमनाम थी, वह अब झाड़ग्राम का सबसे चर्चित ठिकाना बन चुकी है।