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पुरुलिया के गौरव अनूप महतो को योद्धा सेवा सम्मान, गरीब युवाओं को दे रहे फ्री डिफेंस ट्रेनिंग

Published: Sun, 23 Aug 2026 08:47 PM (IST)

पुरुलिया के पूर्व हवलदार अनूप कुमार महतो को भारतीय सेना द्वारा प्रतिष्ठित योद्धा सेवा सम्मान से नवाजा गया है। सेवानिवृत्ति ...और पढ़ें

भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ से योद्धा सेवा सम्मान लेते भारतीय सेना के पूर्व हवलदार अनूप कुमार महतो।

भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ से योद्धा सेवा सम्मान लेते भारतीय सेना के पूर्व हवलदार अनूप कुमार महतो।

HighLights

  1. पूर्व हवलदार अनूप महतो को योद्धा सेवा सम्मान मिला।

  2. सेवानिवृत्ति के बाद गरीब युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण दे रहे।

  3. अब तक 150 से अधिक युवा रक्षा बलों में शामिल हुए।

जागरण संवाददाता, पुरुलिया। भारतीय सेना में 15 वर्ष 7 महीने तक देश की सीमा पर मुस्तैद रहने के बाद भी पुरुलिया के पूर्व हवलदार अनूप कुमार महतो का देश सेवा का जज्बा कम नहीं हुआ है। 
 
सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वे पुरुलिया और आसपास के दूर-दराज इलाकों के गरीब व प्रतिभावान युवाओं को डिफेंस फोर्स में शामिल कराने का सपना साकार कर रहे हैं। 
 
उनके इसी अनुकरणीय योगदान के लिए उन्हें भारतीय सेना द्वारा प्रतिष्ठित योद्धा सेवा सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान 21 अगस्त को नई दिल्ली स्थित आर्मी हेडक्वार्टर में आयोजित रिटायरिंग ऑफिसर्स सेमिनार में प्रदान किया गया। 
 
समारोह के मंच पर सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा और युवाओं के मार्गदर्शन के लिए तीन पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया, जिनमें पुरुलिया के गौरव अनूप महतो भी शामिल थे। उन्हें यह सम्मान आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ ने सौंपा।
 

दुर्गम इलाकों का अनुभव बना युवाओं का मार्गदर्शक

अनूप महतो ने जनवरी 2004 में सेना में कदम रखा था। 31 अगस्त 2019 को रिटायर होने से पहले उन्होंने जम्मू-कश्मीर, श्रीनगर और लेह जैसे बेहद मुश्किल व ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में सेवाएं दीं। यही लंबा सैन्य अनुभव रिटायरमेंट के बाद युवाओं को तराशने की प्रेरणा बना।

वर्ष 2019 से वे पुरुलिया में अपने फिजिकल इंस्टीट्यूट के माध्यम से गरीब युवाओं को नि:शुल्क फिजिकल ट्रेनिंग और लिखित परीक्षा की तैयारी करा रहे हैं। 
 
पश्चिम बंगाल और झारखंड के सुदूर क्षेत्रों के कई बच्चे उनसे मार्गदर्शन ले रहे हैं। अनूप महतो की ट्रेनिंग से अब तक 150 से ज्यादा युवा रक्षा और सुरक्षा बलों में नौकरी हासिल कर चुके हैं।


अनूप महतो का कहना है कि वे जीवनभर देश की सेवा करना चाहते हैं और गरीब छात्रों को सेना में भेजकर उनके भविष्य को संवारने के लिए प्रतिबद्ध हैं।