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    जमशेदपुर में विज्ञान और संस्कृति का संगम, हजारों छात्रों ने देखी सीएसआईआर-एनएमएल की तकनीक

    Updated: Thu, 29 Jan 2026 10:55 PM (IST)

    जमशेदपुर के होटल रामाडा में 'रेडियंट झारखंड 2.0' मेगा प्रदर्शनी शुरू हुई। पहले दिन लगभग छह हजार छात्रों ने भाग लिया। यह प्रदर्शनी 31 जनवरी 2026 तक निः ...और पढ़ें

    बिष्टुपुर स्थित होटल रामाडा में आयोजित मेगा प्रदर्शनी में शिरकत करतीं छात्राएं।

    बिष्टुपुर स्थित होटल रामाडा में आयोजित मेगा प्रदर्शनी में शिरकत करतीं छात्राएं।

    HighLights

    1. प्रदर्शनी में छह हजार छात्रों ने पहले दिन भाग लिया।

    2. CSIR-NML और ICMR स्टॉल विज्ञान-तकनीक का केंद्र रहे।

    3. हस्तशिल्प और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित होटल रामाडा में गुरुवार को 'रेडियंट झारखंड 2.0' मेगा प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ हुआ। शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति के इस अनूठे संगम में पहले ही दिन करीब छह हजार छात्र-छात्राओं ने शिरकत की।

    यह प्रदर्शनी 31 जनवरी 2026 तक सुबह 10 से शाम 5 बजे तक आम जनता के लिए पूरी तरह निःशुल्क खुली रहेगी।(Radiant Jharkhand 2.0)

    विज्ञान और तकनीक का शानदार संगम 

    प्रदर्शनी में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र सीएसआईआर-एनएमएल (CSIR-NML) और आईसीएमआर (ICMR) के स्टॉल रहे। छात्रों ने यहां मेटलर्जी और मिनरल प्रोसेसिंग की बारीकियों को समझा।

    एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने आत्मनिर्भर भारत में वैज्ञानिक शोध की महत्ता पर जोर दिया, वहीं डॉ. के गोपाल कृष्ण और उनकी टीम ने छात्रों को उद्योग और विज्ञान के आपसी तालमेल की जानकारी दी।

    हस्तशिल्प और करियर गाइडेंस का मंच 

    प्रदर्शनी का उद्घाटन एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा ने किया। उन्होंने इस आयोजन को युवाओं के लिए करियर के नए विकल्प खोजने का बेहतरीन मंच बताया।

    विज्ञान के साथ-साथ यहां गुजरात के हथकरघा और हस्तशिल्प के स्टॉल भी आकर्षण बिखेर रहे हैं, जहां मास्टर कारीगर अपनी कला का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं।

    सरकारी योजनाओं की सीधी जानकारी 

    आयोजक वनीश गुप्ता और किंजल गांधी के अनुसार, लेडीज सर्कल इंडिया के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी में कई सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) और सरकारी विभागों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। इनका उद्देश्य युवाओं और किसानों को सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक प्रगति से सीधे जोड़ना है।