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    डीडी बार हत्याकांड में बड़ा सरेंडर : वांछित राहुल दुबे ने बिष्टुपुर थाना में किया आत्मसमर्पण

    By Anwesh ambashthaEdited By: Mansi Kumari
    Updated: Fri, 10 Jul 2026 02:56 PM (IST)

    जमशेदपुर के चर्चित डीडी बार हिमांशु सिंह हत्याकांड में वांछित आरोपी राहुल दुबे ने बिष्टुपुर थाना में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस अब डीडी बार मालिक नी ...और पढ़ें

    वांछित राहुल दुबे ने जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना में आत्मसमर्पण किया।

    वांछित राहुल दुबे ने जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना में आत्मसमर्पण किया।

    HighLights

    1. वांछित राहुल दुबे ने जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना में आत्मसमर्पण किया।

    2. पुलिस डीडी बार मालिक नीरज सिंह को रिमांड पर लेगी।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। शहर के चर्चित डीडी बार के सामने हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड और प्रत्युष आनंद पर जानलेवा हमले के मामले में जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है।

    लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी राहुल दुबे ने शुक्रवार को नाटकीय अंदाज में बिष्टुपुर थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के तुरंत बाद इसकी जानकारी इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हो गई, जिससे पूरे मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया।

    पुलिस के अनुसार, सोनारी निवासी राहुल दुबे के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह रविदास गिरोह से जुड़ा हुआ बताया जाता है।

    जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि हिमांशु सिंह की हत्या वाले दिन राहुल दुबे अपने साथियों के साथ डीडी बार में मौजूद था। इस बहुचर्चित हत्याकांड में अब तक 12 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच जारी है।

    मामले की तह तक पहुंचने के लिए बिष्टुपुर थाना पुलिस अब डीडी बार के मालिक एवं भाजपा नेता नीरज सिंह तथा मुख्य आरोपित विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा को तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से हत्या की साजिश, घटनाक्रम और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका पर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि राहुल दुबे का डीडी बार के प्रबंधक विजय महानंद से करीबी संपर्क था और उसका बार में नियमित आना-जाना था। पुलिस को संदेह है कि बार में होने वाले अधिकांश विवादों का निपटारा राहुल दुबे के माध्यम से किया जाता था। इसी पहलू को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है।

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    घटनास्थल और बार परिसर के सीसीटीवी फुटेज में कई संदिग्ध चेहरे सामने आए हैं। पुलिस उनकी पहचान कर उनकी भूमिका का सत्यापन कर रही है।

    वहीं, नीरज सिंह से जब्त मोबाइल फोन का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) तकनीकी सेल की मदद से खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि घटना से पहले और बाद में हुए संपर्कों का विश्लेषण पूरे षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने में अहम साबित होगा।

    फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की परत-दर-परत जांच कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित हत्याकांड से जुड़े कई और अहम खुलासे होने की संभावना है।