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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand News: ट्रैक्टर के चक्के में आया सिक्योरिटी गार्ड... हुई मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

    By Jagran News Edited By: Shoyeb Ahmed
    Updated: Sun, 03 Mar 2024 05:26 PM (GMT+05:30)

    पोटका थाना क्षेत्र के पिछली गांव में देव इंटरप्राइजेज के ईटा भट्ठा में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत चाईबासा के बीस वर्षीय मुकेश दास की ट्रैक्टर ...और पढ़ें

    ट्रैक्टर के चक्के में दबने से हुई सिक्योरिटी गार्ड की मौत (फाइल फोटो)
    ट्रैक्टर के चक्के में दबने से हुई सिक्योरिटी गार्ड की मौत (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. परिजनों ने सीसीटीवी कैमरा खंगालने की मांग की
    2. बहन रूक्मणी बोली की गई हत्या

    जागरण संवाददाता, पोटका। पोटका थाना क्षेत्र के पिछली गांव में देव इंटरप्राइजेज के ईटा भट्ठा में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत चाईबासा के बीस वर्षीय मुकेश दास की ट्रैक्टर के चक्का में दबने से मौत हो गई। घटना के बाद कंपनी के मालिक द्वारा परिजनों को सूचना दी गई।

    इसके बाद घटनास्थल पर परिजन पहुंचे वहीं परिजनों ने सीसीटीवी दिखाने की मांग करने लगे मगर कंपनी के मालिक ने सीसीटीवी दिखाने से इनकार कर दिया कहा की सीसीटीवी खराब पड़ा है।

    बहन ने लगाया हत्या का आरोप

    वहीं मुकेश दास की बहन रुक्मणी कुमारी ने हत्या का आरोप लगाया है और उनका कहना है कि मेरे भाई को मारा गया है। सीसीटीवी की जांच होनी चाहिए।

    वही मुकेश दास की मां नंदी देवी ने कहा कि मेरा पुत्र कभी शराब नहीं पीता है मामला जो भी हो जांच होनी चाहिए दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, घटनास्थल पर इंस्पेक्टर इंद्रदेव राम, पोटका थाना प्रभारी समीर तिर्की समेत पुलिस बल तैनात थे।

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    देव इंटरप्राइजेज के मालिक ने ये कहा

    देव इंटरप्राइजेज के मालिक शिवप्रसाद जायसवाल ने कहा कि मुकेश दास सिक्योरिटी का कार्य करता था और वह दुकान और ईटा भट्ठा दोनों देखता था इस दौरान ट्रैक्टर में दबने से मौत हो गई। मामले को लेकर कांग्रेस के जिला महासचिव अजय मंडल द्वारा कंपनी के मालिक एवं परिजनों के बीच वार्ता कराया गया।

    इसके बाद कंपनी के मालिक द्वारा मुआवजा के रूप में तीन लाख पचास हजार रुपया देने पर सहमति बनी वहीं एक लाख रुपया तत्काल दिया गया और बाकी का ढाई लाख रुपया तीन से चार महीने के अंदर देने का लिखित किया गया इस दौरान संतोष सरदार, पूर्व मुखिया बिल्टू हांसदा आदि उपस्थित रहे।

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