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    Tata Cummins Update: कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव, जानें अब कर्मचारियों को कैसे मिलेगी सैलरी

    Updated: Wed, 29 Apr 2026 07:43 PM (IST)

    औद्योगिक शहर जमशेदपुर की टाटा कमिंस (TCPL) ने केंद्र सरकार के नए लेबर कोड के मद्देनजर अपने कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव किया है, जो 1 अप्रैल से ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    HighLights

    1. टाटा कमिंस ने वेतन ढांचा बदला, 1 अप्रैल से लागू।

    2. नए लेबर कोड के कारण हुआ यह महत्वपूर्ण बदलाव।

    3. कर्मचारियों को पीएफ, ग्रेच्युटी में मिलेगा सीधा लाभ।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। औद्योगिक शहर जमशेदपुर की प्रमुख कंपनी टाटा कमिंस (TCPL) ने केंद्र सरकार के आगामी नए लेबर कोड (श्रम संहिता) के मद्देनजर अपने कर्मचारियों के वेतन ढांचे (Salary Structure) में बदलाव किया है। कंपनी प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, यह नया ढांचा 1 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा।

    वेतन ढांचे का सरलीकरण और समायोजन  

    कंपनी के एचआर एवं आइआर लीडर दीपेश चौलिया द्वारा जारी निर्देशानुसार, वेतन प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए भत्तों का नए सिरे से समायोजन किया गया है। नए स्ट्रक्चर में वेतन को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है:

    •     अनिवार्य घटक (Main Components): इसमें बेसिक सैलरी, वेरिएबल डीए (VDA) और एजुकेशन अलाउंस को शामिल किया गया है। 
    •     बहिष्कृत घटक (Exclusions): हाउस रेंट अलाउंस (HRA), यूनिफार्म मेंटेनेंस अलाउंस, परफार्मेंस पे और सर्विस अलाउंस को पहले की तरह यथावत रखा गया है। इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

     

    कन्वेंस अलाउंस में हुआ कई भत्तों का विलय  

    इस नए बदलाव की सबसे अहम कड़ी विभिन्न भत्तों का एकीकरण है। अब कर्मचारियों को मिलने वाले एलटीए (LTA), सप्लीमेंट्री अलाउंस, गुड सर्विस अलाउंस, टीम वर्क अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, स्पेशल अलाउंस और हॉस्टल अलाउंस का अलग अस्तित्व समाप्त कर दिया गया है। इन सभी को अब कन्वेंस अलाउंस (वाहन भत्ता) के तहत समाहित (Merge) कर दिया गया है।

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    जागरूकता अभियान और उद्देश्य  

    प्रबंधन ने इस बदलाव को लेकर कर्मचारियों के मन में उठने वाली शंकाओं को दूर करने के लिए विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किए। इन सत्रों में बताया गया कि नए लेबर कोड के तहत वेतन की परिभाषा बदलने से कंपनियों के लिए पे-रोल स्ट्रक्चर बदलना अनिवार्य है। 

    •     विशेषज्ञों की राय: औद्योगिक जानकारों के अनुसार, नए लेबर कोड के अनुपालन का सीधा सकारात्मक असर कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा पर पड़ेगा। वेतन ढांचे में बदलाव से पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी की गणना के आधार मजबूत होंगे, जिससे सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली राशि में लाभ मिल सकता है।


    टाटा कमिंस द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए भी एक नजीर पेश कर रहा है, जो भविष्य में नए श्रम कानूनों को लागू करने की तैयारी में हैं।