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    Tata Motors के मुख्य गेट पर भारी प्रदर्शन: स्थानीय नियोजन को लेकर युवाओं ने घंटों किया चक्का जाम, काम ठप

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 06:57 PM (IST)

    जमशेदपुर में टाटा मोटर्स के गेटों पर स्थानीय युवाओं के नियोजन और वीआरएस के विरोध में बंटी सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने प्रदर्शन किया। तीनों म ...और पढ़ें

    टाटा मोटर्स गेट के पास विरोध प्रदर्शन करते कर्मचारी।

    टाटा मोटर्स गेट के पास विरोध प्रदर्शन करते कर्मचारी।

    HighLights

    1. बंटी सिंह के नेतृत्व में मुख्य गेटों पर चक्का जाम।

    2. औद्योगिक गतिविधियां बाधित, उत्पादन पर सीधा असर।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। स्थानीय युवाओं के नियोजन, वीआरएस (VRS) के विरोध और अन्य लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को टाटा मोटर्स कंपनी के गेटों पर भारी अफरा-तफरी का माहौल रहा। मजदूर नेता बंटी सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं और प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के तीनों मुख्य प्रवेश द्वारों को जाम कर दिया, जिससे घंटों तक औद्योगिक गतिविधियां बाधित रहीं।

    तीनों गेटों पर दोपहर से शुरू हुआ प्रदर्शन  

    पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत दोपहर करीब एक बजे आंदोलनकारी कंपनी के मुख्य गेट, साउथ गेट और कैंटीन गेट पर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों के बढ़ते दबाव के कारण सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 
     
    हालांकि, शाम होते-होते साउथ और कैंटीन गेट से भीड़ कम हुई, लेकिन मुख्य गेट पर देर शाम तक प्रदर्शनकारी डटे रहे। इस दौरान पुलिस बल और निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक भी हुई।
     

    शिफ्ट पर पड़ा असर, उत्पादन प्रभावित  

    गेट जाम होने के कारण 'A' शिफ्ट के कर्मचारी ड्यूटी खत्म होने के बाद भी बाहर नहीं निकल सके, वहीं 'B' शिफ्ट के कर्मचारी समय पर अंदर नहीं जा पाए। इसके चलते कंपनी के भीतर कई उत्पादन लाइनें प्रभावित हुईं और मजदूरों की कम उपस्थिति के कारण कामकाज पर सीधा असर पड़ा। 

    यूनियन और प्रबंधन पर गंभीर आरोप

    कर्मचारियों के बीच घंटों अनिश्चितता और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे बंटी सिंह ने टाटा मोटर्स प्रबंधन और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि: 

    •     प्रबंधन और यूनियन की मिलीभगत से स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है।
    •     यूनियन नेतृत्व मजदूरों के बजाय प्रबंधन के हितों का अधिक ध्यान रख रहा है।
    •     'सन एम्प्लॉई' (कर्मचारी पुत्र) की सुविधा को समाप्त कर दिया गया है।
    •     आवाज उठाने वाले जागरूक मजदूरों को कंपनी से निष्कासित कराया जा रहा है।

     

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    पुलिस की मुस्तैदी और आंदोलन की चेतावनी 

     

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। बंटी सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक स्थानीय युवाओं के नियोजन को लेकर कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन की यह चिंगारी शांत नहीं होगी। देर शाम तक पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम हटवाने के प्रयास में जुटे रहे।