Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    टाटा मोटर्स का ऐतिहासिक वेतन समझौता, कर्मचारियों को मिला नया टी-ग्रेड; एक समान ग्रेड और बंपर लाभ

    Updated: Fri, 20 Mar 2026 12:13 PM (IST)

    Jamshedpur News टाटा मोटर्स, जमशेदपुर में एक ऐतिहासिक वेतन समझौता हुआ है। इसमें 'ई' और 'जेओ' ग्रेड को मिलाकर नया 'टी-ग्रेड' बनाया गया है, जिससे सभी कर ...और पढ़ें

    टाटा मोटर्स में एक समान ग्रेड से खुशी की लहर। (फोटो: जागरण)

    टाटा मोटर्स में एक समान ग्रेड से खुशी की लहर। (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. 'ई' और 'जेओ' ग्रेड मिलकर नया 'टी-ग्रेड' बना।

    2. जेओ-1 कर्मचारी सीधे टी-4 ग्रेड में पदोन्नत होंगे।

    3. बाइ-सिक्स कर्मियों के मूल वेतन में 5,000 रुपये की वृद्धि।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा मोटर्स में हुए नए और ऐतिहासिक वेतन समझौते ने कर्मचारियों को होली और नवरात्र का बड़ा तोहफा दिया है।

    इसका सबसे ज्यादा फायदा जेओ (जमशेदपुर ऑपरेटिव) ग्रेड के करीब 3,000 कर्मचारियों को मिला है। अब ''ई'' और ''जेओ'' ग्रेड को मिलाकर एक नया ''टी-ग्रेड'' बना दिया गया है।

    इससे सभी कर्मचारी एक ही यूनिफाइड ग्रेड में काम करेंगे और सबको एक समान सुविधाएं मिलेंगी। जो कर्मचारी जेओ-1 में कार्यरत हैं, वे एक अप्रैल से प्रमोट होकर सीधे टी-4 ग्रेड में चले जाएंगे।

    इस यूनीफाइड सिस्टम से नए कर्मचारियों को भी पुराने कर्मियों की तरह ही क्वार्टर आदि का लाभ मिलेगा। अगले चार साल में कर्मियों का बेसिक 28 हजार से बढ़कर 47,750 रुपये हो जाएगा।

    वहीं, स्थायी होने का इंतजार कर रहे बाइ-सिक्स कर्मियों के बेसिक वेतन में सीधे 5,000 रुपये की मासिक वृद्धि की गई है।

    इंक्रीमेंट और तबादले पर बंपर फायदा

    नए समझौते में सालाना इंक्रीमेंट में 80 रुपये की वृद्धि हुई है (पिछली बार 65 रुपये थी)। इससे बेसिक के आधार पर न्यूनतम इंक्रीमेंट 255 से बढ़कर 335 रुपये और अधिकतम 380 से 420 रुपये हो गया है।

    अगर कोई कर्मी स्वेच्छा से पुणे, लखनऊ या पंतनगर ट्रांसफर लेता है, तो उसे एक इंक्रीमेंट के साथ सामान ले जाने के लिए एक लाख रुपये अलग से मिलेंगे।

    वहीं, कंपनी की बस न चलने पर खुद की गाड़ी से ड्यूटी जाने वालों को अब 250 की जगह 500 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि 2008 से रुके डीए प्रति प्वाइंट में बढ़ोतरी होगी, लेकिन इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ।

    सुविधाओं में हुआ यह शानदार इजाफा (रुपये में)

    मेडिकल रेफरल: 5 लाख से 6 लाख

    मेडिकल सपोर्ट: 2 लाख से 5 लाख

    • रिटायर्ड मेडिक्लेम: 1.5 लाख से 5 लाख

    अंतिम संस्कार सहायता: 5 हजार से 10 हजार

    श्राद्ध कर्म सहायता: 50 हजार से 60 हजार

    घर बनाने के लिए लोन: 4 लाख से 5 लाख

    गाड़ी लोन: 1.5 लाख से 2 लाख

    एमिनिटीज लोन: 20 हजार से 25 हजार

    हाथ घड़ी का इनाम: अब 15 की जगह 10 साल की सेवा पर

    वेतन में चार वर्षों की बढ़ोतरी (रुपये में)

    पहला वर्ष (कुल 10,862 की वृद्धि): बेसिक- 7970, इंक्रीमेंट- 80, मकान किराया भत्ता- 797, यात्रा भत्ता- 662, पीएफ- 966, ग्रेच्युटी- 387
    दूसरा वर्ष (कुल 2,962 की वृद्धि): फिक्स्ड डीए- 2232, मकान किराया भत्ता- 335, पीएफ- 268, ग्रेच्युटी- 107
    तीसरा वर्ष (कुल 2,963 की वृद्धि): हास्टल भत्ता- 500, हाउस मेंटेनेंस- 963, यूनिफार्म भत्ता- 500, नया पीसीए- 1000
    चौथा वर्ष (कुल 2,963 की वृद्धि): हॉस्टल भत्ता- 500, हाउस मेंटेनेंस- 963, नया पीसीए- 1500

    किसने क्या कहा

    यह ऐतिहासिक समझौता लंबे समय तक याद रहेगा। रिकार्ड समय में समझौता कराकर कर्मियों को पर्व का तोहफा दिया है। जेओ ग्रेड को सर्वाधिक लाभ हुआ है।
    - आरके सिंह, महामंत्री, टाटा वर्कर्स यूनियन

    यूनियन जानती है कि काम कैसे होता है और उसका दाम कैसे लिया जाता है। कर्मियों के भरोसे का यह मीठा फल है।
    - प्रवीण सिंह, सलाहकार

    तीन महीने के मंथन का लाभ सभी को मिला है। अब पूरी कंपनी में सभी कर्मी एक ही ग्रेड में काम करेंगे, यह सबसे बड़ी उपलब्धि है।
    - शशि भूषण प्रसाद, अध्यक्ष

    खबरें और भी