लो-कार्बन स्टील की अगुवाई करेगा टाटा स्टील: पर्यावरण और तकनीक को लेकर तैयार है मेगा इन्वेस्टमेंट प्लान
टाटा स्टील जमशेदपुर प्लांट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्पादन, गुणवत्ता और कम कार्बन उत्सर्जन में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यह प्लांट ग्रीन स्टील ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
FY25-26 में उत्पादन और गुणवत्ता के नए कीर्तिमान स्थापित।
कम कार्बन उत्सर्जन और डिजिटलीकरण में अग्रणी भूमिका निभाई।
AI, ऑटोमेशन से बढ़ी क्षमता, सुरक्षा मॉडल बना।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। करीब 118 साल पुराने जमशेदपुर के टाटा स्टील प्लांट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्पादन और गुणवत्ता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। साथ ही, कम कार्बन उत्सर्जन, डिजिटलीकरण व लागत नियंत्रण के क्षेत्र में भी कंपनी के लिए एक मॉडल प्लांट की भूमिका निभाई है।
टाटा स्टील की हाल ही में जारी वार्षिक रिपोर्ट (एनुअल रिपोर्ट 2025-26) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जमशेदपुर सिर्फ एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि देश की स्टील अर्थव्यवस्था की असली धड़कन है।
कंपनी के समग्र प्रदर्शन, तकनीकी बदलाव, ग्रीन स्टील मिशन, सेफ्टी कल्चर और उत्पादन क्षमता के केंद्र में इस बार भी जमशेदपुर प्लांट सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है।
ग्रीन स्टील की दिशा में बड़ा कदम
टाटा स्टील ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि कंपनी का भविष्य का पूरा फोकस लो-कार्बन स्टील (कम कार्बन उत्सर्जन वाले स्टील) उत्पादन पर केंद्रित है, और इस बड़े परिवर्तन की अगुवाई अकेले जमशेदपुर प्लांट कर रहा है।
ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, कोक रेट घटाने, रीसाइक्लिंग और वैकल्पिक ऊर्जा के अधिकतम उपयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स जमशेदपुर में सफलतापूर्वक लागू किए गए हैं। इससे कार्बन उत्सर्जन को रिकॉर्ड स्तर पर घटाने में मदद मिली है।
कंपनी ने रिपोर्ट में संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में जमशेदपुर प्लांट को और अधिक तकनीक आधारित तथा पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) बनाने के लिए कई नई निवेश योजनाएं तैयार की गई हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटलीकरण से बढ़ी क्षमता
एनुअल रिपोर्ट में जमशेदपुर प्लांट में लागू किए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया गया है।
स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल लागू होने से उत्पादन की गुणवत्ता, मशीनों की कार्यक्षमता और लागत नियंत्रण (कॉस्ट कंट्रोल) में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस, मिल्स और प्रोसेस यूनिट्स में रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग के कारण अनियोजित ब्रेकडाउन (अचानक मशीनों का खराब होना) में भारी कमी आई है।
सुरक्षा के मोर्चे पर सेफ्टी मॉडल बनकर उभरा शहर
टाटा स्टील ने अपनी रिपोर्ट में वर्कप्लेस सेफ्टी पर विशेष जोर देते हुए जमशेदपुर के सेफ्टी प्रैक्टिसेज को कंपनी की वैश्विक पहचान बताया है। नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ ठेका कर्मियों के लिए आधुनिक सेफ्टी ट्रेनिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग, जोखिम मूल्यांकन और जीरो हार्म कल्चर (शून्य नुकसान संस्कृति) को लगातार मजबूत किया गया है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भी रहा मजबूत प्रदर्शन
दुनिया भर के स्टील बाजार में जारी उतार-चढ़ाव, कच्चे माल की कीमतों में भारी दबाव और वैश्विक आर्थिक मंदी की चुनौतियों के बावजूद जमशेदपुर प्लांट ने टाटा स्टील के वित्तीय प्रदर्शन को स्थिर और मजबूत बनाए रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। यही वजह है कि टाटा स्टील की आगामी रणनीतिक योजनाओं में जमशेदपुर आज भी सबसे महत्वपूर्ण उत्पादन व नवाचार (इनोवेशन) केंद्र बना हुआ है।