JFC के ISL से बाहर होने के बाद टाटा स्टील की नई रणनीति, TFA की तर्ज पर तराशेगी देश की महिला फुटबॉलर
जमशेदपुर एफसी के आईएसएल से बाहर होने के बाद टाटा स्टील अब जमशेदपुर में महिलाओं के लिए एक विश्वस्तरीय आवासीय फुटबॉल अकादमी बनाएगी।

यह अकादमी टाटा फुटबॉल अकादमी की तर्ज पर महिला एथलीटों को प्रशिक्षित करेगी, जो भारतीय महिला फुटबॉल के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
HighLights
जमशेदपुर में विश्वस्तरीय महिला फुटबॉल अकादमी का निर्माण।
टाटा फुटबॉल अकादमी की तर्ज पर प्रशिक्षण मिलेगा।
भारतीय महिला फुटबॉल के विकास में महत्वपूर्ण कदम।
जितेंद्र सिंह, जमशेदपुर। जमशेदपुर एफसी (JFC) के इंडियन सुपर लीग (ISL) से बाहर होने के बाद टाटा स्टील अब देश में महिला फुटबॉल को एक नई दिशा देने की तैयारी में है।
कंपनी आईएसएल के लिए रखे गए भारी-भरकम बजट का इस्तेमाल अब जमशेदपुर में महिलाओं के लिए एक विश्वस्तरीय आवासीय फुटबॉल अकादमी बनाने में करेगी।
टीएफए की तर्ज पर बनेगी अत्याधुनिक आवासीय नर्सरी
यह नई खेल नर्सरी भारतीय महिला फुटबॉल के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है। प्रस्तावित महिला अकादमी बिल्कुल उसी तर्ज पर काम करेगी, जिस तरह दशकों से 'टाटा फुटबॉल अकादमी' (TFA) पुरुष खिलाड़ियों को तराशती आ रही है।
ग्रासरूट से लेकर एलीट स्तर तक, यह देश की पहली ऐसी संस्था होगी जो पूरी तरह महिला एथलीटों को समर्पित होगी। गौरतलब है कि TFA ने अब तक देश को 140 से अधिक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर दिए हैं।
मौजूदा AIFF अध्यक्ष कल्याण चौबे, दिग्गज गोलकीपर सुब्रत पाल, गौरमांगी सिंह, क्लिफोर्ड मिरांडा और उदांता सिंह जैसे 24 से अधिक खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी की है।
अब इसी तर्ज पर देश भर की होनहार महिला खिलाड़ियों को एक ही छत के नीचे आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान (Sports Science) और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मुहैया कराई जाएगी।
ग्रासरूट विकास पर रहेगा टाटा स्टील का ध्यान
मामले पर टाटा स्टील ने स्पष्ट किया है कि उनका पूरा ध्यान अब फुटबॉल तथा अन्य खेलों के बुनियादी और जमीनी (ग्रासरूट) विकास पर केंद्रित रहेगा।
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के साथ वार्ता तथा इंडियन विमेंस लीग (IWL) में पेशेवर महिला टीम उतारने की योजनाओं पर कंपनी ने कहा कि सभी तैयारियां और आवश्यक स्वीकृतियां पूरी होने के बाद ही इस संबंध में औपचारिक घोषणा की जाएगी।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार AIFF के साथ बातचीत अंतिम दौर में है और जल्द ही आधिकारिक मुहर लग सकती है।
भारतीय महिला फुटबॉल के लिए क्यों अहम है यह कदम?
हाल के वर्षों में भारत की अंडर-17, अंडर-20 और सीनियर महिला टीमों ने एशियाई स्तर (AFC) पर काफी शानदार प्रदर्शन किया है। देश में महिला प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
लेकिन उनके लिए एक दीर्घकालिक और स्थायी ढाँचे का अभाव था। टाटा की यह ऐतिहासिक पहल इसी बड़ी खाई को पाटने का काम करेगी।
हालांकि, टाटा स्टील इंडियन विमेंस लीग (IWL) में नई टीम उतारेगी या नहीं, यह स्थिति आधिकारिक तौर पर पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी है।
फिर भी, एक समर्पित महिला आवासीय अकादमी का निर्माण भारतीय महिला फुटबॉल के इतिहास में अब तक का सबसे दूरदर्शी और बड़ा निवेश साबित होने जा रहा है।
महिलाओं के लिए एक विश्वस्तरीय आवासीय फुटबॉल अकादमी बनाने के लिए टाटा स्टील की अच्छी पहल है। आने वाले दिनों में इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
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जगन्नाथ बेहरा, पूर्व फुटबॉल कोच, टाटा स्टील
