टाटा स्टील अपडेट: अप्रैल-मई तक फाइनल हो सकता है नया वेतन समझौता, कलिंगनगर यूनियन के साथ भी होगी वार्ता
टाटा स्टील में 1 जनवरी 2025 से लंबित ग्रेड रिवीजन को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच जमशेदपुर में हुई बैठक में 10,800 ...और पढ़ें

HighLights
जमशेदपुर में 10,800 कर्मचारियों के वेतन समझौते पर वार्ता तेज।
वेतन विसंगतियां दूर करने, भत्ते बढ़ाने पर हुई चर्चा।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा स्टील में एक जनवरी 2025 से लंबित ग्रेड रिवीजन (वेतन समझौते) को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। बुधवार को कंपनी प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के शीर्ष नेतृत्व के बीच जमशेदपुर में लगभग तीन घंटे तक मैराथन बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 10,800 कर्मचारियों के नए वेतन ढांचे और भत्तों पर सहमति बनाना है।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- वेतन विसंगतियां: चर्चा का केंद्र 'स्टील ग्रेड' और 'एनएस ग्रेड' के कर्मचारियों के वेतन के अंतर को कम करना रहा। प्रबंधन और यूनियन इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि बेसिक पे में किस तरह सुधार किया जाए ताकि वेतन संरचना की विसंगतियां दूर हों।
- भत्तों में बढ़ोतरी: कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न भत्तों में वृद्धि और अन्य सुविधाओं पर भी विस्तार से बातचीत हुई।
- समझौते की अवधि: संभावना जताई जा रही है कि इस बार भी वेतन समझौता पिछले पैटर्न की तरह सात वर्षों के लिए ही होगा।
अगली रणनीति
यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी के शहर लौटने के बाद हुई इस बैठक में चीफ एचआरओ राहुल दुबे, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह और महामंत्री सतीश सिंह शामिल थे। हालांकि यूनियन ने आधिकारिक तौर पर चुप्पी साधी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, अब वार्ता नियमित रूप से होगी ताकि अप्रैल या मई 2026 तक समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके।
कलिंगनगर प्लांट पर भी नजर
जमशेदपुर के साथ-साथ टाटा स्टील के कलिंगनगर प्लांट के कर्मचारियों का वेतन समझौता भी 1 अप्रैल 2026 से लंबित है। इसके लिए प्रबंधन ने वहां के यूनियन नेताओं को जमशेदपुर आमंत्रित किया है, जिनके साथ शुक्रवार से वार्ता शुरू होने की उम्मीद है।