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    Jharkhand News: नागरिक सुविधाएं बढ़ाने पर टाटा स्टील की बड़ी योजना, वाइस प्रेसिडेंट ने की घोषणा

    Updated: Sun, 17 Aug 2025 02:33 PM (IST)

    लीज समझौते के तहत टाटा स्टील के पास 45 वर्ग किलोमीटर का परिक्षेत्र है लेकिन 65 वर्ग किलोमीटर (86 बस्ती अब लगभग 125 बस्तियों) में कंपनी मूलभूत नागरिक स ...और पढ़ें

    लीज क्षेत्र के अलावा 65 वर्ग किलोमीटर में नागरिक सुविधाएं देगी टाटा स्टील।
    लीज क्षेत्र के अलावा 65 वर्ग किलोमीटर में नागरिक सुविधाएं देगी टाटा स्टील।

    जासं, जमशेदपुर। लीज समझौते के तहत टाटा स्टील के पास 45 वर्ग किलोमीटर का परिक्षेत्र है, लेकिन 65 वर्ग किलोमीटर (86 बस्ती, अब लगभग 125 बस्तियों) में कंपनी मूलभूत नागरिक सुविधाएं देंगी।

    स्वतंत्रता दिवस के मौके पर टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कारपोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदरा रामम ने ध्वजारोहण के बाद पत्रकारों से नागरिक सुविधाओं पर बात की।

    उन्होंने कहा कि लीज नवीकरण को लेकर झारखंड सरकार से समन्वय स्थापित कर बातचीत की जा रही है जल्द ही नवीकरण पर सहमति बनेगी।

    एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि कंपनी के पास जितना परिक्षेत्र है वह हमें वापस मिले। लेकिन अंतिम निर्णय सरकार लेगी।

    हमें जितना परिक्षेत्र मिलता है उस निर्णय का हम सम्मान करेंगे। लेकिन कंपनी कमांड एरिया से इतर भी हम सभी बस्तियों को मूलभूत सुविधाएं देंगे।

    मालूम हो कि वर्ष 2005 में हुए लीज समझौते के तहत 86 बस्तयों के नाम पर 1789 एकड़ जमीन को नवीकरण से बाहर कर दिया गया था। अब कंपनी के पास लगभग 10 हजार एकड़ भू-भाग है।

    इसका लीज समझौता 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो जाएगा और इसके नवीकरण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा अलग-अलग कमेटी बनाकर उस पर मंथन शुरू कर दिया गया है।

    वहीं, एक सवाल के जवाब में उन्होंने रात्रि पाली में महिला कर्मचारियों के काम करने की नियमावली में संशोधन के लिए राष्ट्रपति से लेकर झारखंड सरकार का आभार व्यक्त किया।

    कहा कि इस निर्णय से कंपनी में कुल मैनपावर का 25 प्रतिशत महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लक्ष्य को बल मिलेगा। पहले महिला कर्मचारी सुबह छह से शाम के छह बजे तक काम करती थी।

    अब रात से सुबह छह बजे तक भी काम कर पाएंगी। वहीं, ट्रंप टैरिफ पर कहा कि इसका भारतीय परिचालन पर कोई असर नहीं होगा, हां यूरोपीय आपरेशन पर जरूर प्रभाव पड़ेगा।

    इसके लिए टाटा स्टील आंतरिक व बाहरी प्रभावों को लेकर काम कर रही है। इसमें उत्पादन लागत कम करने से लेकर उत्पादकता बढ़ाने व डिजिटलाइजेशन पर काम किया जा रहा है।

    इससे पहले उन्होंने सभी कर्मचारियों व शहरवासियों को संबोधित करते हुए देश के औद्योगिक नींव रखने में टाटा स्टील की भूमिका, डिजिटलाइजेशन, भविष्य के लिए एआइ तकनीक का इस्तेमाल सहित विभिन्न बिंदुओं पर अपने विचार रखे। मौके पर कंपनी के सभी वाइस प्रेसिडेंट, टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी व पूर्व अधिकारी उपस्थित थे।

    ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने को बना रहा मास्टर प्लान

    डीबी सुंदरा रामम ने बताया कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है ताकि व्यस्ततम सड़कों का चौड़ीकरण किया जा सके।

    वहीं, उन्होंने शहर में बढ़ती दुर्घटना पर चिंता जाहिर करते हुए शहरवासियों से जिम्मेदार नागरिक का परिचय देते हुए ट्रैफिक नियमों का अनुपालन करने की अपील की।