Railway News: जमशेदपुर के 2 रेलवे स्टेशन बनेंगे 'सैटेलाइट टर्मिनल', मेन लाइन को जाम से मिलेगी मुक्ति
टाटानगर स्टेशन पर भीड़ और ट्रेनों का दबाव कम करने के लिए आदित्यपुर और गोविंदपुर को नए सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा।

आदित्यपुर रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो
HighLights
आदित्यपुर, गोविंदपुर बनेंगे टाटानगर के नए सैटेलाइट टर्मिनल।
गोविंदपुर में 47 करोड़ से दो नई लूप लाइनें बिछेंगी।
टाटा यार्ड, आदित्यपुर में नई स्टेबलिंग लाइनें बनेंगी।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटानगर स्टेशन से यात्रियों की भीड़ और ट्रेनों का दबाव कम करने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की गई है। इसके तहत आदित्यपुर और टाटानगर के समीप गोविंदपुर को नए सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा।
सैटेलाइट टर्मिनल की योजना को साकार करने के लिए गोविंदपुर में 47 करोड़ रुपये की लागत से दो नई लूप लाइनें बिछाई जाएंगी। लूप लाइन रेलवे ट्रैक का वह अतिरिक्त हिस्सा होता है, जो मुख्य लाइन से अलग होकर वापस उसी में मिल जाता है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जब मुख्य लाइन से किसी एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेन को बिना रुके गुजारना हो, तो अन्य धीमी ट्रेनों को गोविंदपुर की लूप लाइनों पर खड़ा कर रास्ता साफ किया जा सकेगा।
इससे मुख्य लाइन पर जाम नहीं लगेगा और टाटानगर स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी। बुधवार को टाटानगर व घाटशिला स्टेशन के निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने बताया कि 1928 के बाद से यहां बुनियादी ढांचे का काम नहीं हुआ था, जो 2014-15 के बाद शुरू हुआ।
नई रेल लाइनें बनेंगी
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से 2027 तक टाटा मार्शलिंग यार्ड में दो नई लाइनें और आदित्यपुर में तीन स्टेबलिंग लाइनें बनेंगी।
मार्शलिंग यार्ड रेलवे का वह हिस्सा है, जहां अलग-अलग डिब्बों को छांटकर नई ट्रेनें तैयार की जाती हैं। वहीं, स्टेबलिंग लाइन ट्रेनों की पार्किंग की तरह होती है।
सफर खत्म होने या प्लेटफार्म खाली न होने पर ट्रेनों को यहीं खड़ा किया जाएगा। इसके बनने से ट्रेनों को आउटर सिग्नल पर रुकने की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी और उन्हें सीधा प्लेटफार्म मिलेगा।
अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा तीसरी रेललालइन का काम
महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने बताया कि रेलवे ट्रैक और स्टेशन विस्तार के काम युद्धस्तर पर जारी हैं। सलगाझड़ी से आदित्यपुर के बीच तीसरी लाइन का काम अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
टाटा और हल्दीपोखर के बीच 45 करोड़ की लागत से एक नया क्रासिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। इसके अलावा सीनी में अगले महीने और मनीकुई में मार्च 2027 तक लूप लाइन का काम पूरा हो जाएगा।
राजखरसांवा, बड़बांबो, लोटा पहाड़, सोनवा, टुनिया और बहलदा रोड में भी 2027 तक नई लूप लाइनें बनकर तैयार हो जाएंगी।
वहीं, टाटानगर यार्ड में 29 में से नौ डायमंड क्रासिंग का काम पूरा होते ही यहां लगा 10 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड का प्रतिबंध खत्म हो जाएगा।
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