यात्री ट्रेनों को रोक कर मालगाड़ी आगे बढ़ाने का आदेश किसका? टाटानगर में लेटलतीफी पर बढ़ रहा आक्रोश
जमशेदपुर में रेल यात्री संघर्ष समिति ने टाटानगर जंक्शन पर ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। यात्री ट्रेनों को रोककर मालगा ...और पढ़ें

समिति ने डीआरएम से मांगा जवाब।
HighLights
टाटानगर में ट्रेनों की लेटलतीफी पर आंदोलन तेज होगा।
डीआरएम से मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने पर सवाल उठाया गया।
यात्री सुविधाओं की अनदेखी पर हस्ताक्षर अभियान चलेगा।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे जंक्शन पर ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम से यह पूछा जाएगा कि चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री ट्रेनों को रोक कर मालगाड़ी को आगे बढ़ाने का आदेश किसका है?
अगर डीआरएम ने खुद तय किया है तो वह बताएं। अगर रेल महाप्रबंधक ने तय किया हो तो वह बताएं। यह फैसला आज जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित कार्यालय में रेल यात्री संघर्ष समिति की आयोजित बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह ने की। विधायक सरयू राय की इसमें विशेष उपस्थिति रही। बैठक में कहा गया कि यात्री ट्रेनों की समय सारणी तय है।
मालगाड़ियों की कोई समय सारणी नहीं होती। यह सवाल उठाया गया कि जब रेलवे के पास इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है तो मालगाड़ियों की भीड़ लगाने का आधार क्या है?
इस संबंध में जल्द ही रेल यात्री संघर्ष समिति का एक शिष्टमंडल डीआरएम को ज्ञापन देगा, जिसकी प्रतिलिपि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और रेल महाप्रबंधक को भी भेजी जाएगी।
बैठक में य़ह तय हुआ कि विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनों से उतरने वाले पैसेंजरों का हस्ताक्षर लिया जाएगा। एक अभियान चलाया जाएगा।
इसमें यात्री फीडबैक भी शामिल किया जाएगा। टाटानगर, आदित्यपुर, गोविंदपुर, सलवाजुड़ी, कांड्रा, गम्हरिया जैसे स्टेशनों पर कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे और ट्रेन के अंदर जाकर भी वो यात्रियों से ट्रेनों की लेटलतीफी के बारे में पूछेंगे।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि रेलमंत्री यात्री सुविधा की बात करते हैं और डीआरएम यात्रियों को परेशान कर रहे हैं। ट्रेनों का घंटों लेट चलना-पहुंचना यात्रियों को सुविधा देता है या असुविधा?
बैठक में सवाल किया गया कि ये कैसे डीआरएम हैं जो रेलमंत्री के यात्री सुविधा संबंधी आदेश की अवहेलना कर रहे हैं? बैठक में चर्चा हुई कि धरना के 10 दिनों के बाद भी टाटानगर जंक्शन से ट्रेनों के आवागमन में हो रही लेटलतीफी में कोई सुधार नहीं हुआ है।
रेलयात्रा करने वाले यात्री लगातार फोन पर या वाट्सएप्प पर अथवा सोशल मीडिया पर ट्रेनों के लेट पहुंचने की सूचना दे रहे हैं। यात्रियों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
बैठक में सुबोध श्रीवास्तव, मुकेश मित्तल, मुकुल मिश्रा, अजय कुमार, सतीश सिंह, नीरज सिंह, कुलविंदर सिंह, अमित शर्मा, अमृता मिश्रा, अजय गुप्ता, अहमद सिद्दिकी, आदि मौजूद रहे।