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SIR में कट गया मतदाता सूची से नाम? घबराएं नहीं, वापस नाम जुड़वाने का आसान तरीका और जरूरी नियम जानिए

By Sanjeev KumarEdited By: Sanjeev Kumar
Published: Wed, 09 Sep 2026 09:23 PM (IST)

मतदाता सूची से नाम कटने पर घबराएं नहीं, भारत निर्वाचन आयोग ने इसे वापस जुड़वाने की सरल प्रक्रिया बताई है। ...और पढ़ें

यदि आप भारत के पात्र नागरिक हैं, तो भारत निर्वाचन आयोग आपको पुनः अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का पूरा अवसर देता है।

यदि आप भारत के पात्र नागरिक हैं, तो भारत निर्वाचन आयोग आपको पुनः अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का पूरा अवसर देता है।

HighLights

  1. ऑनलाइन पोर्टल या बीएलओ से मतदाता सूची में नाम जांचें।

  2. नाम वापस जुड़वाने के लिए घोषणा पत्र के साथ फॉर्म-6 भरें।

  3. आयु अनुसार दस्तावेज जमा करें; आधार केवल पहचान का प्रमाण।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान यदि आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कट गया है या गायब हो गया है, तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। Bihar SIR Voter List
 
यदि आप भारत के पात्र नागरिक हैं, तो भारत निर्वाचन आयोग (ECI) आपको पुनः अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का पूरा अवसर प्रदान करता है। आयोग ने इसके लिए एक अत्यंत सरल, पारदर्शी और स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की है।
 

1. ऐसे चेक करें अपना नाम

  •     सबसे पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आधिकारिक Voter Services Portal पर जाएं।
  •     आप VoterHelplineApp या अपने राज्य के सीईओ (CEO) की आधिकारिक वेबसाइट का भी उपयोग कर सकते हैं।
  •     यदि ऑनलाइन माध्यम से नाम प्रदर्शित न हो, तो अपने संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ (BLO), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) या निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) से संपर्क कर सूची की जांच करें।


2. नाम जुड़वाने के लिए भरें Form-6

  •     ड्राफ्ट सूची में नाम न होने की स्थिति में आपको Form-6 भरकर आवेदन करना होगा।
  •     SIR प्रक्रिया के तहत Form-6 के साथ एक निर्धारित घोषणा पत्र (Declaration) भी संलग्न करना अनिवार्य है।
  •     यह आवेदन ऑनलाइन पोर्टल/ऐप के माध्यम से या बीएलओ के पास ऑफलाइन जमा किया जा सकता है।
  •     आवेदन प्राप्त होने के बाद ERO दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर आवेदक से स्पष्टीकरण मांग सकते हैं।


3. जन्म वर्ष के अनुसार दस्तावेजों के कड़े नियम

निर्वाचन आयोग ने आयु और माता-पिता के विवरण के सत्यापन के लिए जन्म वर्ष के अनुसार नियम तय किए हैं:

  •     1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे नागरिक: इन्हें केवल स्वयं से जुड़ा वैध पहचान पत्र या दस्तावेज जमा करना होगा।
  •     1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे नागरिक: इन्हें स्वयं के दस्तावेज के साथ माता या पिता में से किसी एक का प्रामाणिक दस्तावेज देना अनिवार्य है।
  •     2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे नागरिक: इन्हें स्वयं के दस्तावेज के साथ-साथ माता और पिता दोनों से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।


4. मान्य दस्तावेजों की सूची

पहचान, जन्म तिथि और निवास के प्रमाण के रूप में निम्नलिखित दस्तावेजों को स्वीकार किया जाता है:

  •     जन्म प्रमाणपत्र (BirthCertificate) या पासपोर्ट
  •     मैट्रिक (10वीं) का अंक पत्र या शैक्षणिक प्रमाणपत्र
  •     स्थायी निवास प्रमाणपत्र (Domicile) या जाति प्रमाणपत्र
  •     सरकारी पहचान पत्र अथवा पेंशन ऑर्डर
  •     परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति


5. आधार कार्ड को लेकर ECI का बड़ा नियम

निर्वाचन आयोग के नियमानुसार, आधार कार्ड को पहचान और पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड केवल पहचान का साधन है; यह भारतीय नागरिकता का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं माना जाएगा।
 

अंतिम मौका: बिना देर किए करें आवेदन

ड्राफ्ट सूची में नाम न होना प्रक्रिया का अंतिम पड़ाव नहीं है। मतदाता बिना किसी संकोच के ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से Form-6 भरकर नागरिकता और निवास से जुड़े दस्तावेज संलग्न करें, ताकि आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
 

विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य एक त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है। यदि किसी योग्य नागरिक का नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हट गया है, तो उनका अधिकार समाप्त नहीं होता। वे अविलंब Form-6 भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन जमा करें। ड्राफ्ट लिस्ट अंतिम नहीं है। यदि किसी कारणवश आवेदन निरस्त भी होता है, तो मतदाता को नियमानुसार वरीय अधिकारियों के समक्ष अपील करने का पूर्ण अधिकार है। 

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प्रियंका सिंह, उप निर्वाचन पदाधिकारी पूर्वी सिंहभूम