ठंड ने बिगाड़ी Jamtara की दिनचर्या, मजदूर व यात्री सबसे अधिक परेशान; अभिभावकों ने उठाई यह मांग
Jamtara Weather Update: झारखंड के जामताड़ा में कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोगों की ...और पढ़ें

घर से बाहर कुछ ज्यादा ही सता रही सर्दी।
HighLights
Jamtara में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज
सुबह-सुबह पक्षियों की चहचहाहट भी हो गई कम
निजी स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव नहीं होने बच्चे परेशान
जागरण संवाददाता, जामताड़ा। Today Jharkhand Weather Update: झारखंड में पिछले एक सप्ताह से जारी कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जामताड़ा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोगों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।

गुरुवार को जामताड़ा में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय लोग घरों में ही सिमटे रहे, वहीं बाजार व अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी देर से खुले। ठंड के कारण पशु-पक्षियों की गतिविधियां भी सीमित हो गईं।
ठिठुरन भरी सुबह के चलते लोग रजाइयों से बाहर निकलना मुश्किल पा रहे हैं। खेती-किसानी कार्य प्रभावित हुए हैं और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी सुस्ती देखी जा रही है। सब्जी मंडियों व बाजारों में भीड़ नदारद है, जबकि चाय दुकानों पर ही थोड़ी आवाजाही बनी हुई है।
रात में यात्रा करने वाले यात्री सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के प्रतिक्षालयों में लोग ठंड से बचने के लिए दुबके नजर आए। रांची, भागलपुर, दुमका, धनबाद और देवघर सहित विभिन्न स्थानों को जाने वाले लोग गोविंदपुर–साहिबगंज हाईवे पर वाहनों का इंतजार करते ठिठुरते देखे गए।
सुबह-सुबह पक्षियों की चहचहाहट भी कम हो गई है। पशुपालकों को पालतू जानवरों की देखभाल में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के टावर चौक, इंदिरा चौक, स्टेशन चौक और अस्पताल मोड़ सहित विभिन्न जगहों पर काम की तलाश में जुटने वाले मजदूर भी ठंड से बेहाल हैं। कई स्थानों पर लोगों ने अपने स्तर पर अलाव जलाकर राहत पाने की कोशिश की।
रैनबसेरों, स्टेशन परिसर और बस स्टैंड में ठहरे लोगों की भी मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। सब्जी मंडियों में दुकान लगाने वाले लोग भी ठंड से परेशान हैं। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव नहीं होने के कारण बच्चों को कड़ाके की ठंड में स्कूल जाना पड़ रहा है।
माता-पिता को भी सुबह-सवेरे बच्चों को तैयार करने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने मौसम को देखते हुए स्कूल समय में परिवर्तन की मांग की है।