यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jamtara Crime: साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, 8 दबोचे गए; ऐसे भोले-भाले को लगाते थे चूना
साइबर अपराधियों के गढ़ में अब साइबर पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन देखने को मिल रहा है। पुलिस जिले में विभिन्न इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है। कई लोगो ...और पढ़ें

HighLights
- आरोपित से 29 मोबाइल, 53 सिम कार्ड, पांच ATM व दो पाश मशीन जब्त
- करमाटांड़ व नारायणपुर थाना क्षेत्र के गांवों में साइबर पुलिस ने की छापेमारी
जागरण संवाददाता, जामताड़ा। सोमवार देर शाम अचानक जामताड़ा साइबर थाने की पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान करमाटांड़ व नारायणपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में छापेमारी कर आठ साइबर अपराधियों को दबोचा है। छापेमारी के दौरान एक साइबर ठग ने भागने के चक्कर में छत से ही छलांग लगा दी। उसके पैर में मोच आई और वह भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर करमाटांड़ थाना क्षेत्र के हेठ भिठरा गांव के दो सगे भाई बसीर अंसारी व नसीर अंसारी, उपर भिठरा का रहने वाला इरशाद अंसारी, इसी थाना क्षेत्र के कासीटांड़ का नितेश कुमार मंडल, रिंगोचिंगो का शमसेर अंसारी, सलाउद्दीन अंसारी और नारायणपुर थाना क्षेत्र के पतरोडीह का रहने वाला खुर्शीद अंसारी व मेहबूब अंसारी है।
आरोपितों के पास से ये सामान जब्त किए गए
इस बात की जानकारी जामताड़ा एसपी अनिमेष नैथानी मंगलवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। एसपी नैथानी ने बताया कि जामताड़ा साइबर डीएसपी मजरूल होदा व साइबर थाना प्रभारी मनोज कुमार की अगुवाई में हुई छापेमारी के दौरान आरोपितों के पास से 14 आईफोन व 29 महंगे मोबाइल, 53 अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड, पांच एटीएम कार्ड व दो पाश मशीन और एक चेकबुक बरामद हुए हैं।
इस तरह से करते थे ठगी
आरोपित ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए इन पाश मशीनों का इस्तेमाल करते थे। ये पाश मशीन किसके नाम से इश्यू किए गए हैं, पुलिस इस बात का पता लगा रही है। सभी आरोपितों को जेल भेज दिया गया है।
खबरें और भी
ये शातिर गूगल पर विभिन्न कुरियर सर्विस कंपनियों के कस्टमेयर केयर नंबर की जगह अपने मोबाइल नंबर डालकर और एटीएम के साथ क्रेडिट कार्ड का केवाईसी अपडेट करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे फिर एनीडेस्क अपलोड करवाने के बाद उनके मोबाइल का स्क्रीन शेयर कर ठगी को अंजाम देते थे।