जामताड़ा में सरकारी स्कूल के सचिव का निधन, सहायक अध्यापकों ने उठाई आर्थिक सहायता की मांग
Jamtara Teacher News: प्राथमिक विद्यालय वामुनभुई के सचिव केवल चंद्र भद्र के निधन पर शोक सभा आयोजित की गई। सहायक अध्यापकों ने उनके शिक्षा क्षेत्र में य ...और पढ़ें

झारखंड में सहायक शिक्षकों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
प्राथमिक विद्यालय वामुनभुई के सचिव केवल चंद्र भद्र का निधन।
सहायक अध्यापकों ने शोक सभा में योगदान को याद किया।
झारखंड सरकार से सहायक अध्यापकों के लिए आर्थिक सहायता की मांग।
जागरण संवाददाता, कुंडहित (जामताड़ा)। प्राथमिक विद्यालय वामुनभुई के सचिव केवल चंद्र भद्र के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। बीते 21 जनवरी की सुबह उनके देहावसान के पश्चात 26 जनवरी को विद्यालय प्रांगण में एक विशेष शोक सभा का आयोजन किया गया।
विद्यालय परिसर में विभिन्न विद्यालयों के सहायक अध्यापकों द्वारा सामूहिक रूप से शोक सभा आयोजित की गई। उपस्थित सभी शिक्षकों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
मौके पर सहायक अध्यापक तापस राय ने विद्यालय के विकास में सचिव महोदय के योगदान को याद करते हुए इसे शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि केवल चंद्र भद्र ने शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और इसी विद्यालय में शिक्षा की मजबूत नींव रखी। उनके आकस्मिक निधन से परिवार के साथ-साथ शिक्षा विभाग को भी अपूरणीय क्षति हुई है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सहायक अध्यापकों के भरोसे ही सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारू रूप से चल रहा है, जबकि सरकारी शिक्षकों की तुलना में बहुत कम मानदेय देकर सहायक अध्यापकों से कार्य लिया जा रहा है। सहायक अध्यापक की आकस्मिक मृत्यु होने पर सरकार की ओर से परिजनों को कफन तक नसीब नहीं होता।
मौके पर शिक्षक झंटूलाल माझी ने बताया कि केवल चंद्र भद्र एक कुशल शिक्षक होने के साथ-साथ मिलनसार व्यक्ति भी थे। उनकी सेवा के अभी पांच वर्ष शेष थे। उन्होंने कहा कि सहायक अध्यापकों के निधन अथवा सेवा निवृत्ति के बाद आर्थिक सहायता प्रदान करने को लेकर सरकार के समक्ष कई बार प्रस्ताव रखा गया, लेकिन आज तक किसी सहायक अध्यापक को सरकारी लाभ नहीं मिल पाया है।
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उन्होंने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से मांग की कि सहायक अध्यापकों के निधन एवं सेवा निवृत्ति के बाद आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जाए।
मौके पर तपन पातर, मिलन रविदास, जयदेव रविदास, बाबूजन हांसदा, जेठू मरांडी, कांचन सिंह, रूपनारायण सिंह, किंशुक मंडल, हरे कृष्णा हेम्ब्रम, विश्वजीत सिंह सहित अनेक सहायक अध्यापक उपस्थित थे।