यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Cyber Crime: पुलिस के हाथ लगी बड़ी कामयाबी! 4 साइबर ठग दबोचे, 1 कार व 17 मोबाइल समेत कई सामान बरामद
जामताड़ा साइबर थाना की पुलिस ने जिले में चार स्थानों पर छापेमारी की और इस छापेमारी में चार शातिर ठगों को गिरफ्तार दबाचा है। इसमें देवघर जिले के चितरा ...और पढ़ें

HighLights
- जामताड़ा साइबर थाना की पुलिस ने चार जगहों पर की छोपमारी
- करमाटांड़ा थाना क्षेत्र के भिठरा व बारादहा से भी एक-एक ठग पकड़ा
जागरण संवाददाता, जामताड़ा। Cyber Crime News: जामताड़ा साइबर थाना की पुलिस से जिले में चार स्थानों पर छापेमारी कर चार शातिर ठगों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इसमें देवघर जिले के चितरा थाना क्षेत्र के अमडीहा गांव के दो सगे भाई हैं।
पिछले तीन-चार वर्षों से सभी ठगी को अंजाम दे रहे थे। सभी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है। यह जानकारी रविवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साइबर डीएसपी अशोक कुमार राम ने दी।
पुलिस ने सूचना के आधार पर की छापेमारी
उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी अब्दुल रहमान व अन्य पुलिसकर्मी के साथ जामताड़ा थाना क्षेत्र के पांडेडीह व करमाटांड़ के बारादहा व उपर भिठरा गांव में छापेमारी की गई। पांडेडीह से 36 वर्षीय बिमल कुमार राय, 29 वर्षीय कमल राय को गिरफ्तार किया गया।
दोनों सगे भाई हैं और मूलत: देवघर जिले के चितरा थाना क्षेत्र के आमडीहा गांव निवासी है। वर्तमान में पांडेडीह में घर बनाकर रह रहा है। इनलोगों के पास से एक चारपहिया वाहन भी जब्त किया गया है।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
वहीं करमाटांड़ थाना क्षेत्र के बारादाहा गांव से 35 वर्षीय असरफ असांरी व उपर भिठरा गांव से इरशाद अंसारी को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों के पास से मोबाइल, फर्जी सिम, पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, चारपहिया वाहन जब्त किया गया है।
इन लोगों के खिलाफ जामताड़ा साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी की गई है। अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया।
बरामद किए गया यह सामान
मोबाइल 17, फर्जी सिम 22, एटीएम कार्ड नौ, पासबुक दो, चेकबुक दो, पैन कार्ड पांच, आधार कार्ड दो, वोटर कार्ड एक, चारपहिया वाहन आदि है। एसबीआइ क्रेडिट-डेबिट कार्ड बंद होने की बात बताकर एवं लोगों से मोबाइल में स्क्रिन शेयरिंग एप डाउनलोड कर कार्ड सभी तरह का गोपनीय जानकारी ले लेते और ठगी करते थे।
खबरें और भी
साथ ही गूगल पे व फोन पे के कस्टमयर केयर नंबर के रूप में नंबर डालकर उपभोक्ताओं का कॉल प्राप्त कर उनके आनी वाली समस्याओं का निदान करने के बहाने मोबाइल प शेयरिंग एप डाउनलोड करते थे।
तेलगु भाषा की करते थे उपयोग
डीएसपी ने बताया कि सभी तेलगु भाषा का उपयोग कर ठगने का काम करते थे। इरशाद तेलगु बोलने में माहिर है। सभी झारखंड बिहार के अलावा महाराष्ट्रा, तेलांगना आदि प्रदेश के लोगों को चूना लगाने का काम करते थे।
छापेमारी दल में पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी के अलावा अब्दुल गनी, अभय कुमार मिश्रा, सुनील हांसदा, दीपक सोरेन, रंजीत दास आदि थे।
ये भी पढे़ं-
Cyber Fraud : ठगों ने ठगी का अपनाया नया तरीका, अब इस तरह से लोगों को लगा रहे चूना; रहें अलर्ट!